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आम आदमी को मिल सकती है बड़ी राहत! मोबाइल फोन, मक्खन, घी समेत ये चीजें हो सकती सस्ती

Written by:Rishabh Namdev
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आम आदमी को जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक में बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल, इस मीटिंग में घरेलू इस्तेमाल होने वाली कई चीजों पर टैक्स घटाने पर विचार किया जा सकता है। ऐसे में आम आदमी को महंगाई की मार से थोड़ी राहत मिल सकती है।
आम आदमी को मिल सकती है बड़ी राहत! मोबाइल फोन, मक्खन, घी समेत ये चीजें हो सकती सस्ती

इस समय भारत में महंगाई का मुद्दा सबसे तेजी से उठाया जा रहा है। हर ओर महंगाई का जिक्र हो रहा है। वहीं इसी बीच अब जीएसटी काउंसिल की आगामी मीटिंग में आम आदमी को इस महंगाई से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बैठक में घरेलू इस्तेमाल में आने वाली कई चीजों पर टैक्स की दरों को घटाया जा सकता है, जिससे मिडिल क्लास और लोअर इनकम क्लास के लोगों को फायदा हो सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार 8 साल पुराने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के ढांचे की समीक्षा करने में जुटी हुई है।

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जीएसटी के 12% टैक्स स्लैब में शामिल कंज्यूमर गुड्स पर टैक्स घटाने का काम किया जा सकता है। ऐसे में रोजमर्रा की कई ऐसी चीजें सस्ती हो जाएंगी, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। चलिए हम आपको बताते हैं कि अगर जीएसटी काउंसिल में टैक्स दरें घटाई जाती हैं तो आम आदमी को किन चीजों पर राहत मिल सकती है।

ये जरूरी सामान हो सकते हैं सस्ते!

दरअसल, अगर जीएसटी की इस आगामी बैठक में यह निर्णय लिया जाता है तो इससे कई चीजों पर फर्क पड़ेगा। इनमें मक्खन, घी, फलों का जूस, नारियल पानी, अचार, जैम, चटनी, प्रोसेस्ड फूड के अलावा मोबाइल फोन, साइकिल, छाता, टूथपेस्ट और जूते समेत रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुएं शामिल हो सकती हैं। सरकार का मानना है कि अगर इन पर टैक्स की दर को घटा दिया जाता है तो इनके उत्पादन और मांग में तेजी आएगी और इससे इकोनॉमी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इन चीजों पर भी पड़ेगा असर

इसके अलावा भी कई प्रोडक्ट्स सस्ते हो सकते हैं। जीएसटी दरों में कटौती से एयर कंडीशनर जैसे महंगे उत्पादों पर भी राहत दी जा सकती है। ऐसे में यह फैसला मिडिल क्लास को बेहद राहत दे सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल पूरे टर्म इंश्योरेंस प्लान पर 18% जीएसटी लगाया जाता है। आगामी बैठक में बीमा पर भी टैक्स कटौती की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सरकार इसे 12% कर सकती है। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस पर भी टैक्स की दर को कम किया जा सकता है, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, इन सुधारों को करने से पहले सरकार राज्यों की सहमति ले सकती है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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