आज 1 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। दरअसल सेंसेक्स में 1800 अंकों यानी 2.60% की बड़ी तेजी आई है, जिसके बाद यह 73,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 550 अंकों की बढ़त है, जो लगभग 2.50% की तेजी दिखाती है। निफ्टी फिलहाल 22,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में आज ऑटो, आईटी, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई है, जिसने इस तेजी को और मजबूत बनाया है।
दरअसल बाजार की इस तेज बढ़त के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक रुझान शामिल हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत से बढ़ी उम्मीद
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान से वैश्विक बाजारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ चल रहा सैन्य अभियान अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल कर चुका है और यह अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस खबर से भू-राजनीतिक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और वैश्विक व्यापार में स्थिरता आ सकती है। इस स्थिति से निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और वे इक्विटी जैसे जोखिम वाले एसेट्स में निवेश करने के लिए अधिक तैयार होते हैं।
वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेतों का असर
वहीं दुनिया भर के बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय निवेशकों के लिए भी अच्छा माहौल बनाया है। शुरुआती कारोबार में एशिया के लगभग सभी प्रमुख शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे भारतीय बाजार को भी मजबूत शुरुआत मिली है।
जापान का निक्केई इंडेक्स: आज जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 4% की बढ़त के साथ 53,160 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो एशियाई बाजारों में मजबूत तेजी को दिखाता है।
साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स: साउथ कोरिया का KOSPI इंडेक्स भी 6% की तेज बढ़त के साथ 5,370 के स्तर पर पहुंच गया है।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स: हॉन्गकॉन्ग का Hang Seng Index 2% बढ़कर 25,280 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स: चीन का Shanghai Composite Index भी 1.50% चढ़कर 3,940 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो क्षेत्र में व्यापक तेजी को दिखाता है।
दरअसल इन वैश्विक संकेतों से निवेशकों को यह भरोसा मिला है कि आर्थिक मोर्चे पर सुधार की उम्मीदें मजबूत हो रही हैं, जिससे वे बाजार में निवेश करने के लिए उत्साहित हुए हैं।
अमेरिकी बाजारों में भी रही थी मजबूत तेजी
भारतीय बाजार की इस बढ़त से पहले 31 मार्च को अमेरिकी बाजारों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली थी। अमेरिकी बाजारों की यह सकारात्मक क्लोजिंग आज एशियाई और भारतीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत बनी है।
डाउ जोन्स: Dow Jones Industrial Average 1,125 अंक यानी 2.49% बढ़कर 46,341 के स्तर पर बंद हुआ था।
नैस्डैक कंपोजिट: टेक आधारित इंडेक्स NASDAQ Composite में 3.83% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई थी और यह 21,590 के स्तर पर बंद हुआ था।
S&P 500 इंडेक्स: S&P 500 भी 184 अंक यानी 2.91% बढ़कर 6,528 के स्तर पर बंद हुआ था, जिससे वैश्विक निवेशकों में उत्साह देखने को मिला था।
इससे पहले 30 मार्च को बाजार में आई थी गिरावट
आज की यह तेज बढ़त पिछले कारोबारी दिन की गिरावट के बाद आई है। इससे पहले 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स करीब 1,636 अंक यानी 2.22% गिरकर 71,948 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 488 अंक यानी 2.14% की गिरावट आई थी और यह 22,331 के स्तर पर बंद हुआ था।
इसके बाद 31 मार्च को Mahavir Jayanti के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद रहा था, जिससे निवेशकों को एक दिन का विराम मिला था। आज 1 अप्रैल को बाजार खुलते ही वैश्विक और भू-राजनीतिक मोर्चे से मिली सकारात्मक खबरों ने बाजार को नई दिशा दी है और इसे मजबूत बढ़त की ओर ले गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में शांति के संकेत और वैश्विक आर्थिक सुधार की उम्मीदें आने वाले समय में भी बाजार को सहारा दे सकती हैं।






