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भोपाल में गर्भवती महिला से ट्रैफिक पुलिस की बदसलूकी पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता और पुलिस की मनमानी का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि गर्भवती महिला की गंभीर स्थिति के बावजूद पुलिस ने न सिर्फ उसे रोके रखा, बल्कि जबरदस्ती पैसे भी वसूले। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
भोपाल में गर्भवती महिला से ट्रैफिक पुलिस की बदसलूकी पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कार्रवाई की मांग

Umang Singhar

भोपाल में एक गर्भवती महिला के साथ ट्रैफिक पुलिस द्वारा बदसलूकी के मामले पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि भाजपा सरकार के तथा कथित ‘सुशासन’ की असलियत के साथ कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि एक गर्भवती महिला सड़क पर दर्द से तड़प रही थी, कराह रही थी लेकिन भोपाल की ट्रैफिक पुलिस का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने इस मामले में सरकार से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

ये है मामला 

राजधानी भोपाल में एक गर्भवती महिला के साथ ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा की गई कथित बदसलूकी और जबरन वसूली का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आठ महीने की गर्भवती महिला सविता श्रीवास्तव को अचानक पेट दर्द होने पर उनके पति आयुष श्रीवास्तव उन्हें लेकर एम्स अस्पताल जा रहे थे। उनका कहना है कि पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के नाम पर उनकी कार रोकी और महिला के दर्द को नजरअंदाज करते हुए 20-25 मिनट तक सड़क पर खड़ा रखा।

आयुष श्रीवास्तव ने अनुसार पुलिस टीम के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर एसएन यादव और उनके साथी सिपाहियों ने पहले 5000 रुपये की मांग की। जब परिवार ने तुरंत अस्पताल पहुंचने की गुहार लगाई और पैसे न होने की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने उनके पास मौजूद 760 रुपये छीन लिए और कोई चालान या रसीद जारी नहीं की। इतना ही नहीं, इलाज के लिए भाई से पैसे मंगवाने के लिए फोन करने पर सिपाही ने मोबाइल छीन लिया और अपशब्द भी कहे। ग्रीन मीडोज कॉलोनी निवासी आयुष श्रीवास्तव ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। साथ ही परिवार ने पुलिस कमिश्नर और डीसीपी ट्रैफिक को लिखित आवेदन देकर दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।

उमंग सिंघार ने की कार्रवाई की मांग 

इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। उमंग सिंघार ने कहा है कि एक गर्भवती महिला के साथ पुलिसकर्मियों का यह अमानवीय व्यवहार बेहद शर्मनाक है। एक गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने कहा है कि “यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि भाजपा सरकार के तथा कथित ‘सुशासन’ की असलियत है साथ ही कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।” कांग्रेस नेता ने इस मामले पर दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल करने, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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