Hindi News

इन 2 सरकारी बैंकों ने दिया ग्राहकों को तोहफा, सस्ता किया लोन, घटाया MCLR, यहाँ चेक करें नए रेट

Published:
दो सरकारी बैंकों ने एमसीएलआर में कटौती की है। ग्राहकों को राहत मिलेगी। अब ईएमआई का बोझ कम हो सकता है। आइए जानें नए लेंडिंग रेट्स क्या हैं?
इन 2 सरकारी बैंकों ने दिया ग्राहकों को तोहफा, सस्ता किया लोन, घटाया MCLR, यहाँ चेक करें नए रेट

Loan Interest Rates: रेपो रेट वर्तमान में 6% है। आरबीआई एमपीसी बैठक में पिछले महीने ही दरों में 25 बीपीएस कटौती का ऐलान किया गया था। जिसके बाद कई बैंकों ने लोन सस्ता किया। मई में भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के इस फैसले का असर देखने को मिल रहा है। पब्लिक सेक्टर दो बैंकों ने एमसीएलआर में कटौती की है। 12 मई यानि आज से नए लेंडिंग रेट्स प्रभावी हो चुके हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा से मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 बीपीएस की कटौती की है। वहीं केनरा बैंक ने एमसीएलआर ने 5 से 10 आधार अंकों की कटौती का ऐलान कर दिया है। बता दें कि MCLR न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके आधार पर बैंक लोन प्रदान करते हैं। इसमें होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पर्सनल लोन, होम लोन और अन्य ऋणों पर पड़ता है। बैंकों के इस फ़ैसले से उधारकर्ताओं को फायदा होगा। ईएमआई से राहत मिल सकती है। लोन की लागत घटने की संभावना है ।

बैंक ऑफ बड़ौदा की नई एमसीएलआर दरें 

ओवरनाइट एमसीएलआर 8.15% है। एक महीने के लिए दरें 8.35% हैं। वहीं 3 महीने के लिए नए रेट 8.55%, 6 महीने के लिए 8.80% और एक साल के लिए 8.95% हैं। वहीं वर्तमान में बेस रेट 9.45% है। बीपीएलआर 13.75% है।

केनरा बैंक की नई दरें जानें 

संशोधन के बाद केनरा बैंक की नई एमसीएलआर दरें 8.20% से लेकर 9.20% है। ओवरनाइट मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट 8.20% है। एक महीने के लिए दरें 8.25% है। 3 महीने के लिए एमसीएलआर 8.45% है। वहीं 6 महीने के लिए नए रेट 8.80%, एक साल के लिए 9%, 2 साल के लिए 9.15% और 2 साल के लिए 9.20% है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews