सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। 22 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) शुद्ध सोने की कीमत लगभग 1,46,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 1,33,900 रुपये से लेकर 1,34,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेंड कर रही है।
18 कैरेट सोने का भाव भारतीय बाजार में करीब 1,09,560 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर चल रहा है। औद्योगिक मांग और वैश्विक निवेशकों की खरीदारी बढ़ने के कारण एमसीएक्स पर चांदी 2,35,400 रुपये से लेकर 2,37,700 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे दायरे में कारोबार कर रही है। देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमत लगभग 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,212.10 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 66.045 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 100 के पार पहुंच गया है, जिससे अन्य मुद्राओं के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है और अंतरराष्ट्रीय मांग घटती है। डॉलर की मजबूती के दबाव में भारतीय रुपया (INR) अंतरराष्ट्रीय बाजार में $1 के मुकाबले कमजोर होकर ₹94.78 के स्तर पर आ गया है। रुपए में कमजोरी आने के कारण भारत के लिए सोने और कच्चे तेल का आयात महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू बाजार में इनके दाम वैश्विक स्तर के मुकाबले ज्यादा मजबूत रहते हैं। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताओं को थोडा कम किया है। अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर $80 प्रति बैरल के नीचे आ गई है।
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण जून महीने की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़त देखने को मिली। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता कम हुई है और कीमतें भी काफी नीचे आ चुकी हैं। फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं से निवेशक सतर्क हैं और सोने से पैसा निकालकर अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका व ईरान के बीच हालिया घटनाक्रमों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देखा जा रहा है लेकिन इन तमाम परिस्थितियों के बीच निवेशक ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं। जब तक पश्चिम एशिया और अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक कीमतों धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मजबूत डॉलर और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए सोने-चांदी के भावों में राज्यों के जीएसटी (GST) मेकिंग चार्ज और स्थानीय राज्य कर शामिल नहीं हैं, इसलिए राज्यवार खुदरा दुकान पर अंतिम रेट अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। बता दें कि सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) दोनों शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं इसलिए शुक्रवार शाम को क्लोजिंग के रेट ही शनिवार व रविवार को चलते हैं।
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