बैंकिंग सेक्टर में वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) देशभर के सभी बैंकों और एनबीएफसी को रेगुलेट करने का काम करता है। नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी करता है। फाइनेंशियल स्टेटस को चेक करने के अक्सर निरीक्षण भी करता रहता है। मार्च 2024 में किए गए इंस्पेक्शन के दौरान पता चला कि कुछ बैंक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस लिस्ट में महाराष्ट्र के 4 और गुजरात का एक बैंक शामिल है।
इन पांचों बैंकों के खिलाफ आरबीआई ने सख्ती दिखाई है। आरोपों की पुष्टि होने के बाद मौद्रिक जुर्माना गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 18 सितंबर गुरुवार को दी है। पेनल्टी लगाने से पहले सभी बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था। नोटिस पर प्राप्त प्रतिक्रिया और मौखिक सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके बाद आरबीआई ने जुर्माना लगाने का फैसला लिया। हालांकि इसका प्रभाव ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे लेनदेन या समझौते पर नहीं पड़ेगा।
इन बैंकों पर लगा जुर्माना
द जलगांव डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र पर 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। चंद्रापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र पर 4.50 लाख रुपये का जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। महाराष्ट्र में ही स्थित यवतमाल डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये और भारत को-ऑपरेटिव बैंक (मुंबई) लिमिटेड पर 3.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अहमदाबाद में स्थित द अहमदाबाद मर्केन्टाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 23 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आखिरी क्या है वजह?
द जलगांव जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए। इसके अलावा प्रत्येक ग्राहक के लिए एक विशिष्ट पहचान कोड के बजाय कुछ व्यक्तिगत ग्राहकों को कई ग्राहक पहचान कोड आवंटित किए।
चंद्रापुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपलोड नहीं कर पाया। निर्धारित समय के भीतर पत्र की गई राशि को जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष में ट्रांसफर करने में भी विफल रहा। इसके अलावा प्रत्येक ग्राहक के लिए विशेष पहचान कोड आवंटित करने के बजाय कुछ व्यक्तिगत ग्राहकों को कई ग्राहक पहचान कोड भी आवंटित किए।
यवतमाल डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत किए। भारत को-ऑपरेटिव बैंक (मुंबई) लिमिटेड ने आरबीआई को डाउन टाइम जैसी घटनाओं की सूचना नहीं दी, जिसके कारण बैंक के आईटी सिस्टम अनुपलब्धता के कारण ग्राहक सेवा में काफी परेशानियाँ उत्पन्न हुई। अहमदाबाद मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने 31 मार्च 2024 तक अपने उधारकर्ताओं के कुछ क्रेडिट जानकारी क्रेडिट सूचना कंपनियों को प्रस्तुत नहीं की।





