रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने दो बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। कर्नाटक में स्थित शिमशा बैंक नियमिथा, मद्दूर, मांड्या जिला का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। वहीं महाराष्ट्र के नासिक में स्थित समृद्धि सहकारी बैंक लिमिटेड नंदगांव पर भारी जो जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी 5 मार्च को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
आरबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक शिमशा सहकारी बैंक नियमिथा का बैंकिंग लाइसेंस जुलाई 2024 को ही रद्द कर दिया था। बिजनेस बंद करने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के बाद 24 जुलाई 2024 को पास किए गए अंतरिम ऑर्डर को ध्यान में रखते हुए इस बैंक को केवल 24 मई 2026 तक ही बिजनेस बंद आदेश दिया गया था। इस आदेश को कोर्ट ने 17 फरवरी 2026 को वापस ले लिया है। इसी के साथ आरबीआई का लाइसेंस कैंसिल करने का फैसला फिर से लागू कर दिया है।
क्यों रद्द हुआ था लाइसेंस?
आरबीआई के फैसले के बाद बैंक को कारोबार करने की अनुमति नहीं होगी। नया अकाउंट, लोन, पुनर्भुगतान इत्यादि बैंकिंग सेवाओं को ऑफर नहीं कर पाएगा। बता देंआरबीआई जुलाई 2024 में इस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी न होने के कारण लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया लिया था। इसकी स्थिति इतनी खराब थी कि यह आपने जमाकर्ताओं को पुनर्भुगतान करने में भी असमर्थ था।
PR221794E61A89771B4176A95F38DDE187E34Dइस बैंक पर लगा जुर्माना
आरबीआई ने समृद्धि सहकारी बैंक लिमिटेड 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने सही समय पर क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों के पास अपने ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी जमा नहीं की। इसका खुलासा 31 मार्च 2025 को किए गए एक संवैधानिक निरीक्षण में हुआ था। इसके बाद बैंक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर आए जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। फिर आरबीआई ने पेनाल्टी लगाने का फैसला लिया।
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