बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे। आज सुबह ही नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी। हालांकि उनके इस फैसले से जेडीयू कार्यकर्ता और समर्थक खासे नाराज़ नज़र आए और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर उन्हें घेर रही है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के इस फैसले पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये जनता के साथ धोखा है। अगर छह महीने पहले वो ये बात बोल देते तो शायद बिहार चुनाव के नतीजे कुछ और होते। पायलट ने कहा कि नीतीश कुमार जी पहले भी कई बार अपना मन बदल चुके हैं और कभी इस पाले में कभी उस पाले में जाते रह हैं।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन
बिहार की राजनीति में बड़े उलटफेर होने जा रहा है। सारी अटकलों पर विराम देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस अवसर पर अमित शाह भी पटना पहुंचे। इससे पहले नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा ज़ाहिर की थी और कहा था कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी क्रम में वे अब राज्यसभा चुनाव में भाग लेकर सदस्य बनना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार की जनता का आभार जताया और भरोसा दिलाया कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा समर्थन और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
कौन होगा बिहार का अगला सीएम
उनके नामांकन दाखिल करने के बाद अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कयास लगने शुरु हो गए हैं। वहां एनडीए सरकार के छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और नए सीएम की तलाश शुरु हो गई है। माना जा रहा है कि अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी से हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो बिहार में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनेगा। बीजेपी की तरफ से सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया सहित कुछ और नाम रेस में हैं। वहीं चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है।
सचिन पायलट ने बताया जनता के साथ धोखा
इस बड़े उलटफेर के बीच कांग्रेस ने जेडीयू पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “ये तो समझ नहीं आ रहा कि आपने चेहरे पर चुनाव लड़ा..वोट बटोर लिए। जनता ने आपको चुनकर भेजा। अब आप पीछे हट रहे हैं। किसी के दबाव में कर रहे हैं या इच्छा से कर रहे हैं या मन मारकर कर रहे हैं इसका कुछ पता नहीं। उन्होंने पहले भी कई बार अपना मन बदला है। कभी इस पाले में कभी उस पाले में। अब सुनने में आया है कि वो दिल्ली आ रहे हैं। बिहार में क्या होगा, क्या बीजेपी दबाव बनाकर सत्ता हासिल करेगी। जो भी हो रहा है वो जनता को धोखे में रखकर किया गया है। अगर आप छह महीने पहले बोल देते तो चुनाव का नतीजा कुछ और होता।’ सचिन पायलट ने इस कदम को बिहार की जनता के साथ धोखा बताया और कहा कि ये देशहित के लिए सही नहीं है।






