बिहार की सियासत में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंचे और नामांकन प्रक्रिया में शिरकत की। इसके साथ ही अब बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
नीतीश कुमार के नामांकन के साथ ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री की दौड़ तेज हो गई है। NDA सरकार को गठन को अभी छह महीने भी नहीं हुए हैं और राज्य में दूसरे मुख्यमंत्री की तलाश शुरु हो गई है। इस रेस में बीजेपी का दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है। अगर ऐसा होता है तो बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहला बीजेपी मुख्यमंत्री होगा। लेकिन नियमों के मुताबिक अगले छह महीने तक नीतीश कुमार सीएम पद पर रह सकते हैं।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा का नामांकन भरा
तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पटना में उनके साथ मौजूद रहे। गुरुवार सुबह ही नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भावुक संदेश साझा कर अपनी इच्छा ज़ाहिर कर दी थी। उन्होंने लिखा कि संसदीय करियर की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानसभा, विधान परिषद के साथ-साथ लोकसभा और राज्यसभा संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। अब इस सपने को पूरा करने के लिए वे राज्यसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बिहार की जनता का शुक्रिया अदा किया और आश्वासन दिया कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
उनके साथ पटना के बिहार विधानसभा भवन में एनडीए के कुल पांच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार शामिल हैं। अमित शाह ने नामांकन के बाद नीतीश कुमार की प्रशंसा की और कहा कि उनका पूरा जीवन बेदाग रहा है।
जानिए कब तक सीएम पर पर रह सकते हैं नीतीश कुमार
यह घटनाक्रम बिहार में सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा करता है। नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे, हालांकि संवैधानिक रूप से वे 6 महीने तक पद पर बने रह सकते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं। अनुच्छेद 164(4) स्पष्ट करता है कि कोई भी व्यक्ति बिना विधानसभा चुनाव लड़े छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है, लेकिन उसके बाद यह पद छोड़ना अनिवार्य है। नीतीश कुमार इस प्रावधान के तहत अगले 6 महीने तक पद पर बने रह सकते हैं। लेकिन राजनीतिक परंपरा के अनुसार संभावना है कि वे जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं। इस्तीफे के बाद राज्यपाल विधायक दल के बहुमत वाले नेता को नया मुख्यमंत्री नियुक्त करेंगे, जो आमतौर पर दल की बैठक में तय होता है।
कौन होगा अगला सीएम
नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन दाखिल करते ही बिहार के अगले सीएम के नाम पर चर्चाएं शुरु हो गई हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी से अगला मुख्यमंत्री हो सकता है। पार्टी से प्रमुख दावेदारों में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल और विधायक संजीव चौरसिया के नाम भी संभावित चेहरों के रूप में चर्चा में हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए जेडीयू को डिप्टी सीएम पद दिया जा सकता है। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी चर्चाओं में है। फिलहाल सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार में अगला सीएम कौन होगा।






