होली पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंदौर पुलिस ने इस बार शहरभर में कड़ा अमल दिखाया। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से 32 थाना क्षेत्रों में एक साथ निगरानी व्यवस्था सक्रिय की गई, जिसमें एरियल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग को समन्वित तरीके से चलाया गया। मुख्य फोकस दो बिंदुओं पर रहा-सार्वजनिक सुरक्षा और सड़क सुरक्षा।
रात बढ़ने के साथ चेकिंग और सघन होती गई। प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की टीमें देर रात तक तैनात रहीं। इसी अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में 245 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई। यह संख्या बताती है कि त्योहार के दौरान नशे में ड्राइविंग को लेकर पुलिस ने किसी तरह की ढील नहीं दी।
32 थाना क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी मॉडल
पुलिस की रणनीति सिर्फ मौके पर तैनाती तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में विशेष टीमों को इस तरह लगाया गया कि सूचना मिलते ही प्रतिक्रिया समय कम हो। एरियल सर्विलांस से भीड़ वाले हिस्सों और संवेदनशील पॉकेट्स पर नजर रखी गई, जबकि सीसीटीवी फीड के आधार पर रीयल-टाइम इनपुट लेकर पेट्रोलिंग यूनिट्स को भेजा गया। मोबाइल पेट्रोलिंग का इस्तेमाल लगातार मूवमेंट में रहने और अचानक उपद्रव की आशंका वाले क्षेत्रों में तत्काल पहुंचने के लिए किया गया।
यह व्यवस्था खास तौर पर इसलिए अहम रही क्योंकि होली के दौरान शहर में देर शाम से रात तक आवागमन, समूहों की आवाजाही और नशे से जुड़े उल्लंघन बढ़ जाते हैं। ट्रैफिक और लॉ एंड ऑर्डर विंग ने समानांतर कार्रवाई करते हुए सड़क और मोहल्ला-स्तर दोनों पर उपस्थिति बनाए रखी।
हथियार लेकर घूमने वालों पर त्वरित कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस ने हथियार लेकर घूम रहे 5 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें एक आरोपी थाना द्वारकापुरी क्षेत्र में झगड़े की सूचना मिलने पर तलवार लेकर मौके पर पहुंच गया था। पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया और संबंधित आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
त्योहारों में छोटे विवादों के तेजी से बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई को पुलिस ने प्राथमिकता दी। मौके पर पहुंचकर हथियारबंद व्यक्तियों को अलग करना और कानूनी कार्रवाई करना, संभावित हिंसक स्थिति को रोकने का हिस्सा माना गया।
अवैध शराब सप्लाई चैन पर भी दबाव
ड्रंक ड्राइविंग के साथ-साथ अवैध शराब की आवाजाही पर भी पुलिस ने समान सख्ती दिखाई। एक्साइज एक्ट के तहत 56 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई उन लोगों तक भी पहुंची जो शराब की अवैध सप्लाई या बोतलों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में शामिल पाए गए।
इस कार्रवाई का असर दो स्तरों पर दिखा-एक, अवैध सप्लाई नेटवर्क पर दबाव; दो, त्योहार के दौरान अनियंत्रित बिक्री और वितरण पर रोक। पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी या चालान नहीं बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था, नशे में उपद्रव और जोखिमपूर्ण ड्राइविंग को नियंत्रित करना था।
कुल मिलाकर होली के दौरान इंदौर में पुलिसिंग का फोकस प्रिवेंटिव और एन्फोर्समेंट-दोनों पर रहा। चेकिंग, निगरानी और त्वरित कानूनी कार्रवाई के जरिए हुड़दंग और नियम उल्लंघन के मामलों में लगातार हस्तक्षेप किया गया, और शहर के संवेदनशील हिस्सों में रात तक ऑपरेशन जारी रखा गया।






