रंगपंचमी से पहले इंदौर की पारंपरिक गेर को सुरक्षित और सुचारू तरीके से निकालने के लिए प्रशासनिक तैयारी अब जमीन पर दिखने लगी है। नगर निगम ने गेर मार्ग पर अव्यवस्थित केबलों को हटाने, सड़क के पेचवर्क और बाधक सामग्री को साफ करने का अभियान शुरू कर दिया है, ताकि जुलूस के दौरान भीड़ और ट्रैफिक दोनों का दबाव संभाला जा सके।
अगले रविवार प्रस्तावित गेर को देखते हुए मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में तकनीकी और भौतिक सुधार एक साथ किए जा रहे हैं। जहां सड़क पर मरम्मत की जरूरत मिली, वहां पेचवर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही नीचे लटके तार और फैले केबलों को व्यवस्थित या हटाने का काम चल रहा है।
विजय चाट हाउस चौराहे से सराफा थाने तक पहला फोकस
नगर निगम की टीम ने विजय चाट हाउस चौराहे से सराफा थाना क्षेत्र के बीच उन जगहों पर कार्रवाई की, जहां केबल और तार नीचे लटक रहे थे या बेतरतीब तरीके से फैले थे। इस हिस्से में प्राथमिक व्यवस्थितकरण का काम पूरा कर लिया गया है। अब गेर मार्ग के दूसरे सेक्शन में लगी अनावश्यक केबलों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
यह कार्रवाई सिर्फ सौंदर्य या सफाई तक सीमित नहीं है। गेर के दौरान हजारों लोग मार्ग पर मौजूद रहते हैं, ऐसे में निचले स्तर पर लटकते तार, पोल से बाहर निकली वायरिंग या अस्थायी ढांचे सुरक्षा जोखिम भी बनते हैं। इसी वजह से इस बार अभियान को ट्रैफिक मूवमेंट और पब्लिक सेफ्टी के साथ जोड़ा गया है।
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश: अव्यवस्था और असुरक्षित ढांचे तुरंत हटें
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गेर मार्ग पर किसी भी तरह की अव्यवस्था, बाधक सामग्री और असुरक्षित ढांचे को चिह्नित कर तत्काल हटाया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि रंगपंचमी का आयोजन बिना रुकावट, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में दोबारा अव्यवस्थित केबल न लगें, इसके लिए नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। यानी कार्रवाई केवल एक-दिवसीय आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि मार्ग प्रबंधन को स्थायी व्यवस्था में बदला जाए।
राजवाड़ा क्षेत्र में CCTV और ड्रोन से लाइव निगरानी
गेर के दौरान रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए राजवाड़ा और आसपास के हिस्सों में कई स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों का उद्देश्य भीड़ की दिशा, संवेदनशील बिंदुओं और मार्ग पर किसी भी अचानक स्थिति पर तुरंत नजर रखना है।
पुलिस ने राजवाड़ा के पास एक इमारत से ड्रोन सिस्टम के जरिए निगरानी और लाइव फुटेज देखने की व्यवस्था भी की है। इससे ऊपरी एंगल से भी भीड़ प्रबंधन और मूवमेंट की मॉनिटरिंग संभव होगी। जमीनी कैमरों और एरियल विजुअल दोनों के संयोजन से कंट्रोल रूम को तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
राजवाड़ा के आसपास के हिस्से को तिरपाल से ढंक दिया गया है, और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार अगला हिस्सा भी जल्द कवर किया जाएगा। कुल मिलाकर, इस बार तैयारी का केंद्र सिर्फ गेर निकालना नहीं, बल्कि मार्ग को पहले से व्यवस्थित कर जोखिम घटाना और निगरानी तंत्र को मजबूत करना है।






