इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री दबाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम अंतिम चरण में पहुंच गया है। बंद पड़े पुराने टर्मिनल को अपग्रेड कर अब देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट टर्मिनल-1 नाम दिया गया है, और नए नाम का बोर्ड भी लगाया जा चुका है। एयरपोर्ट प्रबंधन की योजना 15 मार्च तक निर्माण और तकनीकी काम निपटाकर 1 अप्रैल से यहां परिचालन शुरू करने की है।
यह परियोजना 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित की गई है। इंदौर एयरपोर्ट पर पिछले वर्षों में यात्री संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी दबाव को देखते हुए अतिरिक्त टर्मिनल की जरूरत महसूस हुई, लेकिन समय पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पाने से अंतरिम समाधान के तौर पर पुराने टर्मिनल के पुनर्विकास का फैसला लिया गया।
नया नाम, नई भूमिका: टर्मिनल-1 से एटीआर उड़ानें
एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पुनर्विकसित पुराने टर्मिनल को टर्मिनल-1 के रूप में संचालित किया जाएगा, जबकि अभी चल रहा मुख्य टर्मिनल आगे टर्मिनल-2 कहलाएगा। टर्मिनल-1 से छोटे एटीआर विमानों का संचालन प्रस्तावित है और बड़े विमानों की उड़ानें टर्मिनल-2 से जारी रहेंगी।
इंदौर एयरपोर्ट से रोजाना करीब 36 एटीआर विमानों की आवाजाही होती है। इन उड़ानों को अलग टर्मिनल से संचालित करने पर मौजूदा टर्मिनल का दबाव घटेगा और यात्रियों की आवाजाही अपेक्षाकृत व्यवस्थित हो सकेगी।
“पुराने टर्मिनल को नए रूप में तैयार करने का काम 15 मार्च से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। संचालन से पहले फायर, एन्वायर्नमेंट और BCAS की एनओसी जरूरी है, जिसके लिए आवेदन किए जा चुके हैं।” — सुनील मग्गीरवार, एयरपोर्ट डायरेक्टर
समर शेड्यूल से पहले मंजूरियां लेने की कोशिश
एयरपोर्ट अधिकारियों की प्राथमिकता 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल से पहले सभी अनुमतियां हासिल करने की है, ताकि नए शेड्यूल में टर्मिनल-1 से उड़ान संचालन शामिल किया जा सके। कुछ निरीक्षण पूरे हो चुके हैं और शेष प्रक्रियाएं मार्च के भीतर पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्घाटन को लेकर भी तैयारी चल रही है। संभावना व्यक्त की गई है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू 1 अप्रैल को इंदौर आकर टर्मिनल-1 का उद्घाटन कर सकते हैं। इस संदर्भ में सांसद शंकर लालवानी की दिल्ली में मंत्री से मुलाकात का भी उल्लेख किया गया है।
पुरानी पृष्ठभूमि और आगे की बड़ी योजना
इंदौर एयरपोर्ट ने 2012 में पुराने टर्मिनल को बंद कर नए टर्मिनल से संचालन शुरू किया था। उस समय नए टर्मिनल की वार्षिक क्षमता 40 लाख यात्रियों के हिसाब से तय की गई थी। लेकिन हाल के वर्षों में मांग बढ़ने से एक और बड़े टर्मिनल का प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा गया।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस अतिरिक्त टर्मिनल प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 492 करोड़ रुपये बताई गई है और प्रस्तावित क्षेत्रफल करीब 82,000 वर्ग मीटर है। टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है, जबकि निर्माण अवधि लगभग तीन साल रखी गई है।
नया टर्मिनल बनने के बाद इंदौर एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुराने एटीसी टावर और फायर स्टेशन को हटाकर स्थान तैयार किया जा रहा है। फिलहाल प्राथमिक फोकस टर्मिनल-1 के समयबद्ध संचालन पर है, ताकि पीक सीजन में यात्री प्रबंधन बेहतर हो सके।






