कश्मीरी गेट ISBT के पास स्थित मोनेस्ट्री मार्केट में गुरुवार को दिल्ली सरकार ने लंबे समय से लंबित फुट ओवरब्रिज परियोजना की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि यह मांग कई वर्षों से उठ रही थी और अब इसे निर्धारित समय में पूरा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार के मुताबिक इस पुल की अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये है और निर्माण अवधि 5 महीने रखी गई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लद्दाख बुद्ध विहार कॉलोनी के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि केवल पुल ही नहीं, बल्कि कॉलोनी की अन्य समस्याओं, बाहरी अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उनके संबोधन का केंद्र दिल्ली की बहुसांस्कृतिक आबादी और अलग-अलग राज्यों से आए परिवारों की भागीदारी रहा।
“देश के दूरदराज के इलाकों से आए परिवार यहां रह रहे हैं, दिल्ली को अपनाया है और दिल्ली ने आपको अपनाया है। दिल्ली सबकी है और सबका बराबर सम्मान है।”* रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली
लद्दाख बुद्ध विहार कॉलोनी के लिए क्या कहा गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देश का आइना है और यहां हर राज्य के लोग रहते हैं। उन्होंने मंच से कहा कि सरकार क्षेत्र में मौजूद समस्याओं को चिन्हित कर समाधान निकालेगी। उनके अनुसार कॉलोनी में जो मुद्दे वर्षों से लंबित हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार में अनुमति होने के बावजूद फुट ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ। रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार का कामकाज वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित था, जबकि मौजूदा सरकार का लक्ष्य कच्ची कॉलोनियों सहित सभी इलाकों में विकास कार्य करना है।
PWD मंत्री और सांसद के बयान
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह ढांचा केवल एक ब्रिज नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी और स्थानीय सुविधा का अहम काम है। उन्होंने बताया कि जरूरी अनुमति कम समय में ली गई और अब निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
“महज 2 महीने में इस ब्रिज की परमिशन ली गई है। 5 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य है।”- प्रवेश वर्मा, PWD मंत्री, दिल्ली
प्रवेश वर्मा ने मोनेस्ट्री मार्केट से अपने पुराने संबंध का जिक्र भी किया और कहा कि यह इलाका दिल्ली की पहचान से जुड़ा बाजार क्षेत्र है। उनके बयान में यह संकेत भी था कि बुनियादी ढांचे से यहां आने-जाने वाले लोगों को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी।
बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह मांग पहले भी स्थानीय स्तर पर उठी थी और अब उस पर कार्रवाई हुई है। उन्होंने इसे प्रेरक स्थान बताते हुए कहा कि पुल बनने से आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र को आगे और विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
परियोजना का प्रभाव और आगे की समयसीमा
मोनेस्ट्री मार्केट और आसपास के हिस्से में पैदल पारपथ की मांग लंबे समय से थी, खासकर ISBT और बाजार के बीच आवाजाही करने वाले लोगों के लिए। सरकार का दावा है कि निर्माण समय पर पूरा हुआ तो पैदल यात्रियों की सुरक्षा और मार्ग सुविधा दोनों में सुधार होगा।
कार्यक्रम में दिए गए बयानों से यह साफ है कि सरकार इस परियोजना को प्रतीकात्मक घोषणा के बजाय समयबद्ध काम के रूप में पेश कर रही है। अब फोकस निर्माण कार्य की शुरुआत, प्रगति की निगरानी और तय 5 महीने की समयसीमा पर रहेगा।






