रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC) बैठक 5 अक्टूबर यानि कल से शुरू होने वाली है। बैठक में बैठक में महंगाई, जीडीपी ग्रोथ समेत अर्थव्यवस्था से संबंधित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मीटिंग में लिए गए फैसलों की घोषणा आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 7 अक्टूबर को करेंगे। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में रेपो रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है।
एसबीआई ने कहा कि, “यूएस यिल्ड 25 साल के उच्चतम स्तर पर है। और भी ऊपर जाने की संभावना है। इसे बीच बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है। ऐसे में आरबीआई अक्टूबर की नीति में कम से कम 25 बीसी की वृद्धि कर सकता है।” एसबीआई ने यह भी कहा कि, “बढ़ती महंगाई का दबाव, ग्लोबल मैक्रो हालात, बदलती लिक्विडिटी की स्थिति और जोखिम की नई ग्लोबल रीप्राइसिंग मिलकर रेपो रेट में बढ़ोत्तरी की संभावना को और भी मजबूत कर रही है।
दक्षिण कोरिया और फिलिपींस ने अगस्त में दरों में इजाफा किया है। फिर सितंबर में अमेरिका, जापान, यूरो क्षेत्र और न्यूजीलैंड ने भी ऐसा ही किया। बैंक ने अपनी रिपोर्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन, रुपये की गिरावट और आगत 2026 सीपीआई मुद्रास्फीति में वृद्धि जैसे मुद्दों को भी शामिल किया है।
रेपो रेट में वृद्धि से क्या होगा?
वर्तमान में रेपो रेट 5.25% पर बरकरार है। इस साल आरबीआई ने रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं किया है। लेकिन महंगाई दर और ग्लोबल दबाव को देखते हुए इसमें वृद्धि हो सकती है। इसके बाद दरें बढ़कर 5. 50% तक पहुंच सकती है। इसका सीधा असर लोन और ईएमआई पर पड़ेगा। बैंक लोन और फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं।
महंगाई और जीडीपी ग्रोथ में वृद्धि की उम्मीद
आरबीआई मौद्रिक समिति की बैठक में आरबीआई एमपीसी की बैठक में महंगाई और जीडीपी ग्रोथ अहम मुद्दा बन बन सकता है। एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरबीआई वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी अनुमान में 30 बीपीएस और महंगाई दर के अनुमान में 20 आधार अंकों की वृद्धि हो सकती है। अगस्त 2026 में सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर4. 82% हो चुकी है, जो जुलाई में 4.45% थी। एसबीआई का मानना है कि सितंबर 2026 में मुद्रास्फीति 5.65% तक जा सकती है। अक्टूबर और नवंबर में 6.5% तक पहुँचने की संभावना है। हालांकि 2027 के शुरुआती दिनों में यह 6% से कम होगी।






