Hindi News

इन 5 बैंकों पर चला RBI का डंडा, लगा भारी जुर्माना, नियमों का उल्लंघन करने का आरोप, कहीं इनमें आपका खाता तो नहीं?

Published:
पाँच बैंकों ने नियमों का उल्लंघन किया है। आरबीआई ने इनपर मौद्रिक जुर्माना लगाने का आदेश भी जारी कर दिया है। आइए जानें आखिर केन्द्रीय बैंक ने यह कदम क्यों उठाया?
इन 5 बैंकों पर चला RBI का डंडा, लगा भारी जुर्माना, नियमों का उल्लंघन करने का आरोप, कहीं इनमें आपका खाता तो नहीं?

RBI Action: रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने नियमों का उल्लंघन करने पर 5 सहकारी बैंकों पर भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया है। कार्रवाई को आरबीआई ने आदेश भी जारी कर दिया है। इस लिस्ट में शामिल दो बैंक कर्नाटक में स्थित हैं। वहीं बैंक बेंगलुरु, तमिलनाडु और केरल में स्थित हैं।

श्री चरण सौहार्द को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (बेंगलुरू), श्री रंगानम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड (तमिलनाडु), द निलांबुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड (केरल), मानवी पट्टाना सौहार्द सहकारी बैंक नियमिठा (कर्नाटक) और श्री महाबलेश्वर को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (कर्नाटक)  के खिलाफ आरबीआई ने कार्रवाई की है। इनमें से कुछ बैंकों ने एसएएस तो कुछ ने लोन से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया है।

आरबीआई ने जारी किया कारण बताओ नोटिस (Reserve Bank Of India)

निरीक्षण के दौरान आरबीआई को नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला। जिसके बाद सभी बैंकों कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। केन्द्रीय बैंक ने पूछा “नियमों का अनुपालन ना करने के बाद भी उनपर जुर्माना क्यों न लगाया जाए?” नोटिस पर आए जवाब और जांच के बाद ही मौद्रिक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।

बैंकों ने किया इन नियमों का उल्लंघन (RBI Monetary Penalty) 

  • श्री चरण सौहार्द को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। बैंक आय पहचान परिसंपत्ति वर्गीकरण और प्रावधान मानदंडों के संदर्भ में कुछ लोन खातों को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के रूप में वर्गीकृत करने में विफल रहा। एसबीआई द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों से अधिक ब्याज दरों पर जमाराशियों पर ब्याज की पेशकश की। एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का पालन न करते हुए नए लोन और अग्रिम स्वीकृत किए।
  • श्री रंगानम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 1,50,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। बैंक ने निदेशकों के रिश्तेदार को लोन स्वीकृत किए। एसएएफ निर्देशों का पालन न करते हुए गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के उच्च अनुपात वाले क्षेत्रों को ऋण सुविधा और 100% से अधिक जोखिम भरा वाले नए लोन और अग्रिम की मंजूरी भी दी।
  • द निलांबुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 50000 रुपए का जुर्माना लगाया है। बैंक ने एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का पालन न करते हुए दान दिया।
  • मानवी पट्टाना सौहार्द सहकारी बैंक नियमिठा पर 25000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का अनुपालन न करते हुए एसबीआई द्वारा लगाई जाने वाली ब्याज दरों से अधिक दर पर लोन और एडवांस स्वीकृत किए।
  • श्री महाबलेश्वरअर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने कई लोन और एडवांस निदेशकों के रिश्तेदारों को स्वीकृत किए।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews