Hindi News

लाखों कर्मचारियों को मिली सौगात, केंद्र सरकार ने जारी किया यूनिफाइड पेंशन स्कीम गजट, 1 अप्रैल से लागू होगा UPS

Last Updated:
यूपीएस को लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी की है। यह 1 अप्रैल से लागू होगा। कर्मचारियों को इसका विकल्प मिलेगा।
लाखों कर्मचारियों को मिली सौगात, केंद्र सरकार ने जारी किया यूनिफाइड पेंशन स्कीम गजट, 1 अप्रैल से लागू होगा UPS

केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस से पहले सरकारी कर्मचारियों को तोहफा दिया है। यूनीफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर नोटिफिकेशन जारी हुआ है। अब कर्मचारियों को यूपीएस का ऑप्शन मिलेगा। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले से NPS से जुड़े हैं। स्कीम देशभर में 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी।

यूपीएस की घोषणा केंद्र सरकार ने अगस्त 2024 में की थी। इसे OPS और एनपीएस दोनों को मिलाकर बनाया गया ही। यह कर्मचारियों के लिए पेंशन सुनिश्चित करती है। नोटिफिकेशन के मुताबिक यूपीएस चुनने पर कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड में दो भाग होंगे, इसमें व्यक्तिगत फंड (कर्मचारी और सरकार का समान योगदान) और पूल फंड (सरकार का अतिरिक्त योगदान) शामिल हैं। इसे एनपीएस से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके लिए कर्मचारियों को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा।

यूपीएस के फायदे

यूपीएस लाभार्थियों को समय-समय पर महंगाई भत्ते में वृद्धि होगी। आखिरी वेतन का 50% पेंशन के तौर पर मिलता है। परिवार को पेंशन का 60% परिवारिक पेंशन के तौर में प्राप्त होगा। 10 वर्ष सर्विस पूरी करने पर कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। रिटायरमेंट पर एकमुश्त भुगतान भी मिलेगा।

क्या है पात्रता?

कर्मचारी 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद रिटायरमेंट की तारीख से पेंशन मिलने लगेगी। 25 साल या इससे अधिक की सेवा के बाद वीआरएस लेने वाले व्यक्ति को सामान्य रिटायरमेंट की उम्र पर शुरू होने वाली पेंशन मिलती है। कर्मचारी जो बिना किसी दंड के FR 56(j) के तहत रिटायर होते, उन्हें भी रिटायरमेंट की तिथि से ही पेंशन मिलेगी। इस्तीफा देने वाले या नौकरी से हटाए या बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।

260482-1
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews