Hindi News

इस सरकारी बैंक ने किया FD के ब्याज दरों में बदलाव, 91 दिन के टेन्योर पर मिलेगा 5% रिटर्न, यहाँ चेक करें लेटेस्ट रेट

Published:
पब्लिक सेक्टर बैंक सामान्य नागरिकों को कम से कम 2.75% और अधिकतम 7.35% ब्याज ऑफर कर रहा है। नए रेट प्रभावी हो चुके हैं।
इस सरकारी बैंक ने किया FD के ब्याज दरों में बदलाव, 91 दिन के टेन्योर पर मिलेगा 5% रिटर्न, यहाँ चेक करें लेटेस्ट रेट

Bank FD: पब्लिक सेक्टर के बैंक आफ महाराष्ट्र ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव किया है। डोमेस्टिक टर्म डिपॉजिट और बल्क टर्म डिपॉजिट के लिए नए इन्टरेस्ट रेट लागू हो चुके हैं। ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक बैंक सामान्य नागरिकों को 3 करोड़ रूपये से कम के एफडी पर न्यूनतम 2.75% और अधिकतम 7.35% ब्याज ऑफर कर रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों को 91 दिन और इससे अधिक के टेन्योर पर 5 करोड़ रुपये तक का निवेश करने पर 0.50 प्रतिशत एक्स्ट्रा ब्याज मिल रहा है। स्पेशल एफडी स्कीम पर रेगुलर के मुकाबले ज्यादा ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। रेगुलर एफडी पर 7% से कम ब्याज मिल रहा है।

स्पेशल एफडी पर मिल रहा इतना रिटर्न (Bank Of Maharashtra FD)

200 दिन के एफडी पर 6.90% इन्टरेस्ट बैंक दे रहा है। 333 दिन के फिक्स्ड डिपॉजिट 7.35% ब्याज मिल रहा है। 400 दिन के डिपॉजिट 7. 10% और 777 दिन के एफडी पर 7.25% ब्याज मिल रहा है।

टेन्योर के हिसाब से ब्याज दरें (Fixed Deposit)

  • 7 से 30 दिन-2.75%
  • 31 से 45 दिन- 3%
  • 46 से 90 दिन- 4.75%
  • 91 से 119 दिन- 5%
  • 120 से 180 दिन- 5.25%
  • 181 दिन से 270 दिन- 5.75%
  • 271 से 364 दिन- 5.75%
  • 365 दिन या 1 साल- 6.75%
  • 1 साल से अधिक और 2 साल तक- 6.5%
  • 2 साल से अधिक और 3 साल तक- 6.5%
  • 3 साल से अधिक और 5 साल तक- 6.50%
  • 5 साल से अधिक- 6.50%

 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews