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करियर टिप्स: Maths से लगता है डर? तो 12वीं के बाद करें ये 5 कोर्स, फ्यूचर में मिलेंगे नौकरी के अवसर, देखें लिस्ट 

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हर छात्र गणित विषय में अच्छा नहीं होता है। इसके बिना भी बेहतर करियर हो सकता है। कई ऐसे कोर्स है, जिनमें मैथ्स नहीं होता है। नौकरी के अवसर भी मिलते हैं। 
करियर टिप्स: Maths से लगता है डर? तो 12वीं के बाद करें ये 5 कोर्स, फ्यूचर में मिलेंगे नौकरी के अवसर, देखें लिस्ट 

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Career Tips:  कई छात्रों को मैथ का सब्जेक्ट बहुत मुश्किल लगता है। उन्हें इस सब्जेक्ट से संबंधित जटिल अवधारणाओं को पढ़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके बिना कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में छात्रों के लिए कक्षा 12वीं के बाद करियर ऑप्शन को चुना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। स्टूडेंट्स को समझ नहीं आता कि उनके लिए कौन सा विषय अच्छा रहेगा और वह मैथ्स के बिना क्या कर सकते हैं?

ऐसे कई कोर्स है, जिनके लिए मैथ्स में अच्छा होने की जरूरत नहीं पड़ती। ये कोर्स रचनात्मक, प्रॉबलम सॉल्विंग और कम्युनिकेशन पर आधारित होते हैं, जो करियर के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकते हैं। हालांकि कोर्स का चुनाव पूरी तरीके से छात्रों की योग्यता और रुचि पर निर्भर करता है। मेहनत और समर्पण के साथ इन कोर्सेस के जरिए बड़ा मुकाम भी हासिल किया जा सकता है।

बीए एलएलबी इंटिग्रेटेड प्रोग्राम

12वीं के बाद छात्र बीए एलएलबी का कोर्स कर सकते हैं। इसकी अवधि 5 साल होती है। खास बात यह है कि इसमें मैथ्स की जरूरत नहीं पड़ती। इसे पूरा करने के बाद जज, वकील लीगल एडवाइजर जैसे करियर ऑप्शन उपलब्ध होते हैं।

पत्रकारिता और जनसंचार में बनाएं करियर 

यदों आपको मीडिया के क्षेत्र में रुचि है तो आप 12वीं के बाद बैचलर इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (BAMC) कोर्स को कर सकते हैं। इसमें भी गणित की जरूरत नहीं पड़ती  कोर्स को पूरा करने के बाद रिपोर्टर, कंटेन्ट राइटर, न्यूजराइटर, एंकर, लेखक एडिटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म ब्रॉडकास्टिंग जैसे करियर ऑप्शन मिलते हैं।

ये कोर्स भी बनेंगे बेस्ट ऑप्शन

  • 12वीं पास करने के बाद साइकोलॉजी एंड काउंसलिंग कोर्स को भी कर सकते है। बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन साइकोलॉजी (BA in Psychology) एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसकी अवधि 3 से 4 साल होती है।
  • यदि आप मैथ्स में कमजोर हैं तो 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट या कुलिनरी आर्ट से संबंधित कोर्स कर सकते हैं। बैचलर ऑफ़ होटल मैनेजमेंट अच्छा विकल्प रहेगा।  इसकी अवधि तीन से चार साल होती है। फूड प्रोडक्शन, हाउसकीपिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसेटॉपिक्स के बारे में पढ़ाया जाता है।
  • ग्राफिक डिजाइनिंग और एनीमेशन के कोर्स भी कर सकते हैं। बीए इन फाइन आर्ट्स (ग्राफिक डिज़ाइनिंग) और बीए इन एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया अच्छा ऑप्शन रहेगा।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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