Hindi News

साल में दो बार होगी CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा, छात्र जरूर जान लें ये नियम, देखें खबर  

Published:
साल में दो बार होगी CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा, छात्र जरूर जान लें ये नियम, देखें खबर  

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हाल में दसवीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) को लेकर एक वेबिनार का आयोजन किया था। इस दौरान सीबीएसई अध्यक्ष में साल में दो बार होने वाले बोर्ड एग्जाम प्रक्रिया की जानकारी साझा की है। ऑनलाइन इससे केवल स्टूडेंट्स ही नहीं बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों में भी जुड़े थे। जरूरी नियमों की जानकारी भी दी गई थी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 2026 से स्टूडेंट के पास बेहतर स्कोर के लिए बोर्ड एग्जाम के दूसरे सेशन में विज्ञान, गणित, सोशल साइंस और लैंग्वेज में से तीन सब्जेक्ट को दोबारा देने का विकल्प दिया जाएगा।

छात्र आपना सुधारने के लिए दूसरी बोर्ड परीक्षा में केवल तीन विषयों को ही चुन सकते हैं। सभी विषयों के लिए दोबारा बोर्ड एग्जाम का आयोजन नहीं किया जाएगा। केवल उन्हीं विषयों में परीक्षा होगी, जिसमें  एक्सटर्नल असेसमेंट कंपोनेंट 50 से ज्यादा हैं। वेबकास्ट के दौरान यह स्पष्ट किया है।

फेक होने पर क्या हैं नियम?

यदि कोई स्टूडेंट पहले एग्जाम में एक या दो सब्जेक्ट में फेल हो जाता है तो उन्हें कंपार्टमेंट कैटेगरी के तहत दूसरे एग्जाम में बैठने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि जो स्टूडेंट पहली परिकसगा तीन या उससे अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है, तो उन्हें एसेंशियल रिपीट के कैटेगरी में रखा जाएगा। दोबारा परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। ओलंपियाड और स्पोर्ट्स में भाग लेने वालों पर यह नियम लागू नहीं होगा।

इन बातों को भी जान लें 

स्टूडेंट दोनों में से बेस्ट स्कोर को चुन सकते हैं। जईस परीक्षा में अधिक नंबर होंगे उसे फाइनल रिजल्ट भी रिकॉर्ड किया जाएगा। पहली परीक्षा जो फरवरी-मार्च के बीच आयोजित की जाएगी, उसमें सभी उम्मीदवारों को शामिल होना होगा। हालांकि आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा वैकल्पिक होगी। पहले सेशन का रिजल्ट अप्रैल में घोषित होगा। वहीं दूसरे सेशन का रिजल्ट जून में आएगा। डेट भी जारी हो चुकी है। 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक दसवीं बोर्ड परीक्षा आयोजित होगी।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews