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CBSE कक्षा 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा रिजल्ट जल्द, स्कोर से असंतुष्ट होने पर छात्र करें ये 3 काम, उठाएं इन सुविधाओं का लाभ, देखें खबर

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मई में सीबीएसई दसवीं और बारहवीं बोर्ड एग्जाम रिजल्ट घोषित हो सकता है। कई छात्र अपने स्कोर से असन्तुष्ट होंगे। आइए इस स्थित में स्टूडेंट्स क्या कर सकते हैं?
CBSE कक्षा 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा रिजल्ट जल्द, स्कोर से असंतुष्ट होने पर छात्र करें ये 3 काम, उठाएं इन सुविधाओं का लाभ, देखें खबर

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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा रिजल्ट (CBSE Board Exam 2025) का इंतजार लाखों छात्र बेसब्री से कर रहे हैं। अब तक केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने तारीख को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि परिणाम मई में घोषित होंगे। अपडेट्स के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.gov.in विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

रिजल्ट घोषित होने के बाद कई छात्र फेल होते हैं तो कुछ अपने स्कोर से असन्तुष्ट रहते हैं। पिछले साल कक्षा 10वीं में 6.40 % छात्र फेल हुए थे। वहीं 1.32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इम्प्रूवमेंट और सप्लीमेंट्री के कैटेगरी में रखा गया था। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 12% से अधिक छात्र फेल हुए थे। ऐसे स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड कुछ सुविधाएं प्रदान करता हैं, ताकि वे अंकों में सुधार कर सकें। आइए जानें बोर्ड एग्जाम अच्छे अंक न मिलने पर छात्रों के पास क्या विकल्प होता है?

रिजल्ट का पुनर्मूल्यांकन 

बोर्ड हमेशा सावधानीपूर्वक कॉपियों की जांच और रिजल्ट तैयार करता है। लेकिन गलतियों की संभावनाएं भी होती है। यदि आपको लगता है कि अंक सही नहीं हैं, तो पुनर्मूल्यांकन (रि-चेकिंग) के लिए आवेदन कर सकते हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए यह प्रक्रिया जून में शुरू होती है। परिणाम घोषित होने के बाद सीबीएसई इससे संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी करेगा।

इम्प्रूवमेंट या सप्लिमेंट्री परीक्षा

सीबीएसई छात्रों को बोर्ड एग्जाम रिजल्ट सुधारने का अवसर भी देता है। इसके लिए पूरक परीक्षाओं का आयोजन होता है। पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस साल भी सप्लिमेंट्री परीक्षा जुलाई में आयोजित हो सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि अगले साल से कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। ऐसे में अलग से पूरक परीक्षा का प्रावधान खत्म हो जाएगा।

ओपन स्कूलिंग का उठा सकते हैं लाभ 

ऐसे छात्र जो स्टडी को नियमित रखना चाहते हैं लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, उनके लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसके साथ पीएम कौशल योजना से जुड़कर खुद को जॉब मार्केट प्लेस के लिए तैयार कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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