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CBSE का अहम नोटिस, सभी स्कूलों में SAFAL-KSA अनिवार्य, रजिस्ट्रेशन शुरू, कक्षा 6 से 9वीं के छात्र होंगे शामिल

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सीबीएसई ने SAFAL KSA 2025-26 को स्कूलों में अनिवार्य कर दिया है। इससे स्कूल छात्रों के लेवल को समझ पाएंगे, जरूरी बदलाव भी कर पाएंगे। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी है। नोटिस भी जारी किया गया है। 
CBSE का अहम नोटिस, सभी स्कूलों में SAFAL-KSA अनिवार्य, रजिस्ट्रेशन शुरू, कक्षा 6 से 9वीं के छात्र होंगे शामिल

केंद्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रमुख को सर्कुलर जारी किया है। जिसके स्ट्रक्चर एसेसमेंट फॉर एनालाइजिंग लर्निंग-की स्टेट असेसमेंट (SAFAL KSA 2025-26) में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करने का निर्देश दिया है। एप्लीकेशन पोर्टल खुल चुका है। 22 जुलाई स्कूल विद्यार्थियों के एलओसी डिटेल्स के जरिए लॉग इन करके पंजीकरण कर सकते हैं।  बता दें कि सेशन 2025-26 से CBSE से एफिलेटेड सभी स्कूलों के लिए सफल-केएसए कार्यक्रम को अनिवार्य कर दिया गया है।

इस साल सफल-केएसए का आयोजन डिजिटल मोड में किया जाएगा। इसमें कक्षा 6 से लेकर 9वीं के छात्र शामिल होंगे। स्कूलों में विशेष हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ेगी। बोर्ड ने स्कूलों को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। रजिस्ट्रेशन से जुड़ी समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जरी किया है। मदद के लिए स्कूल कार्यालयों को भी संपर्क कर सकते हैं।

स्कूलों को मिलेगी राहत, शर्तें भी लागू 

यदि कोई स्कूल डिजिटल मोड़ में इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने में असमर्थ हैं, तो उन्हें एक बार अवसर दिया जाएगा। ऐसे विद्यालय ओएमआर आधारित सफल-केएसए में भाग ले सकते हैं। इससे संबंधित जानकारी जल्द ही ऑफिशल वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी। स्कूलों को इस शैक्षणिक सत्र में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक वचनबद्धता पत्र भी रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

क्या है SAFAL KSA? 

सफल-केएसए भारत सरकार की एक विशेष पहल है, जिसकी शुरुआत जुलाई 2021 में की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत की गई थी। इस मूल्यांकन का उद्देश्य की स्कूलों और शिक्षकों को अपने कक्षा स्तरों पर विद्यार्थियों की क्षमताओं को समझने में मदद करना है। ताकि वे अपनी शैक्षणिक पद्धतियों में सुधार कर सकें। गणित, इंग्लिश और अन्य विषयों के असेस्मेंट भी शामिल किए जाते हैं। इससे स्कूल भी जरूरी बदलावों को कर सकते हैं। बता दें कि पिछले साल भारत और विदेश के करीब 10 हजार एफिलेटेड स्कूलों के विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ इसका आयोजन किया गया था।

सीबीएसई द्वारा जारी नोटिस देखें 

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Manisha Kumari Pandey
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