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CUET UG में कम स्कोर? न लें टेंशन, इन 10 कॉलेजों में मिलेगा एडमिशन, यहाँ देखें पूरी लिस्ट 

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सीयूईटी यूजी में कम नंबर मिलने पर कई छात्रों को चिंता सताती है। समझ एडमिशन लें समझ नहीं आता। ऐसी कई यूनिवर्सिटी हैं, जो कम स्कोर होने पर भी विभिन्न कोर्स में दाखिला ले रही हैं। आइए एक नजर लिस्ट पर डालें-
CUET UG में कम स्कोर? न लें टेंशन, इन 10 कॉलेजों में मिलेगा एडमिशन, यहाँ देखें पूरी लिस्ट 

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सीयूईटी यूजी स्नातक पाठ्यक्रमों के दाखिले के लिए देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में एक है। इस साल 13 लाख से अधिक छात्रों से एग्जाम दिया था। ऐसे कई छात्र हैं अच्छे अंक मिले और अब उन्हें यह चिंता सता रही है कि कहाँ दाखिला लें। कॉमन यूनिवर्सिटी एन्ट्रेंस टेस्ट-यूजी के कई प्रतिभागी संस्थान कम स्कोर होने पर भी स्टूडेंट्स का दाखिला ले रहे हैं। हालांकि यह कोर्स के चुनाव पर भी निर्भर करता है।

इस बार सीबीटी मोड में सीयूईटी यूजी परीक्षा का आयोजन 13 मई से 4 जून तक हुआ था। 4 जुलाई को रिजल्ट जारी हो चुका है। अब समय एडमिशन प्रोसेस का है। नियम और पात्रता यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित की जाएगी। बता दें कि प्रत्येक टेस्ट पेपर में 50 प्रश्न शामिल थे, कुल अंक 250 था। कुल अंक छात्रों द्वारा चुने गए विषयों की संख्या पर निर्भर करता है।

CUET UG के लिए अच्छा स्कोर क्या?

यदि कोई विद्यार्थी सीयूईटी यूजी के लिए 6 विषयों को सेलेक्ट करता है तो ऐसे में कुल अंक 1500 होंगे। 870 और इससे अधिक अंक को सबसे अच्छा माना जाएगा। ऐसे स्टूडेंट्स को टॉप यूनिवर्सिटी और टॉप कोर्स में एडमिशन मिल सकता है।  750 से 800 अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को उनके पसंदीदा कॉलेज और पाठ्यक्रम में एडमिशन मिलने की संभावना अधिक होती है। 750 से 600 तक अंक को भी अच्छा माना जाएगा, स्टूडेंट्स मिड-लेवल कोर्स में एडमिशन ले पाएंगे। 600-650 अंक होने पर अभ्यर्थियों को कम प्रतियोगी कोर्स में दाखिला मिल सकता है। 600 से कम स्कोर को कम माना जाएगा। इतने में टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना मुश्किल हो सकता है।

किन कॉलेजों में मिलेगा कम स्कोर पर दाखिला?

  • वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी, जौनपुर
  • बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा
  • डॉ राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी, अयोध्या
  • डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी
  • मणिपुर यूनिवर्सिटी
  • पोंडिचेरी यूनिवर्सिटी
  • तेजपुर यूनिवर्सिटी, असम
  • शारदा यूनिवर्सिटी
  • गलगोटिया यूनिवर्सिटी
  • एलपीयू

अन्य विकल्प भी अपना सकते हैं उम्मीदवार 

  • दिल्ली विश्वविद्यालय, बीएचयू, जेएनयू और अन्य केन्द्रीय विश्वविद्यालय के टॉप-टियर पाठ्यक्रमों के अलावा छात्रों को ऐसे कोर्स ऑफर करते हैं, जिसमें कम स्कोर पर भी दाखिला मिल सकता है। इनमें प्रतियोगिता भी कम होती है।
  • असम, जम्मू-कश्मीर और अन्य स्टेज यूनिवर्सिटी भी कम सीयूईटी यूजी स्कोर पर कुछ कोर्स प्रदान कर रहे हैं। जिसमें स्टूडेंट्स दाखिला ले सकते हैं।
  • इस बार कुल 126 प्राइवेट यूनिवर्सिटी सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर अलग-अलग कोर्स ऑफर कर रहे हैं। इनका कट-ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी से कम होता है।
  • स्टूडेंट्स अलग-अलग कॉलेजों में अप्लाई करें। ताकि आपके पास विकल्प अधिक हो।
  • इग्नू, SOL और अन्य कॉलेजों में स्टूडेंट्स दाखिला ले सकते हैं।
  • ड्रॉप आउट लेकर फिर से तैयारी का रास्ता भी चुना जा सकता है।
Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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