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IGNOU ऑफर कर रहा साइकोलॉजी से जुड़े 3 कोर्स, फ्री में उठाएं लाभ, घर बैठे होगी पढ़ाई, ऑनलाइन उपलब्ध, देखें लिस्ट

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इग्नू साइकोलॉजी से जुड़े 3 कोर्स फ्री में ऑफर कर रहा है स्वयं पोर्टल पर ये ऑनलाइन मोड में उपलब्ध हैं। बिना फीस ज्वाइन कर सकते हैं। 15 जुलाई से इनकी शुरुआत होगी। 
IGNOU ऑफर कर रहा साइकोलॉजी से जुड़े 3 कोर्स, फ्री में उठाएं लाभ, घर बैठे होगी पढ़ाई, ऑनलाइन उपलब्ध, देखें लिस्ट

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इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ((IGNOU) साइकोलॉजी से जुड़े तीन कोर्स ऑफर कर रहा है। सभी की अवधि 16 सप्ताह है। इनकी शुरुआत 15 जुलाई से होने जा रही है। एनरोलमेंट की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। बिना किसी फीस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। घर बैठे ही अपने मोबाइल या लैपटॉप पर पढ़ाई कर सकते हैं। बस स्वयं पोर्टल या ऐप पर पंजीकरण करने की जरूरत पड़ेगी।

जिन छात्रों या लर्नर्स को कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ेगी। उन्हें एक परीक्षा में शामिल होना होगा, जिसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना होगा। बता दें  स्वयं पाठ्यक्रमों को भारत सरकार और अन्य प्रतिभागीय संस्थाओं द्वारा मान्यता भी दी जाती है। इग्नू वर्तमान में “काउंसलिंग साइकोलॉजी”, “साइकोलॉजी फॉर लिविंग” और “स्टैटिसटिक्स साइकोलॉजी” नाम के तीन कोर्स कोर्स ऑफर कर रहा है।

इनसे जुड़ने के लिए उम्मीदवार को पहले स्वयं ऐप इंस्टॉल करें या स्वयं पोर्टल swayam.gov.in को विजिट करें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें और अपनी जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रमों को चयन करें। लाइफ सेशन, वीडियो लेसन, असेसमेंट जैसे सुविधा भी शामिल की जाएगी। आइए जानें लिए एक-एक कर सभी प्रोग्राम की विशेषताओं पर नजर डालें-

काउंसलिंग साइकोलॉजी

यह एक कोर टाइप प्रोग्राम है, जो ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस से संबंधित है। इसका माध्यम इंग्लिश होगा। पूरा करने में 16 सप्ताह का समय लगेगा। यह एक अंडर ग्रेजुएट स्तर का प्रोग्राम है। इस पाठ्यक्रम में परामर्श मनोविज्ञान के क्षेत्र की मूल बातें प्रदान की गई हैं। यह भारतीय दृष्टिकोण सहित परामर्श की प्रमुख अवधारणा और दृष्टिकोण की चर्चा करता है। साथ ही  मूल्यांकन प्रक्रिया, कौशल और तकनीक की जानकारी भी देता है।

साइकोलॉजी फॉर लिविंग 

साइकोलॉजी फॉर लिविंग से यूजी या पीजी दोनों जुड़ सकते हैं। यह प्रोग्राम इंग्लिश मध्यम में उपलब्ध होगा। स्टूडेंट केवल 16 सप्ताह में से पूरा कर पाएंगे। यह ऑप्टिमल लाइफ जीने के लिए मनोविज्ञान के ज्ञान और अनुप्रयोगों की समझ प्रदान करता है। यह आत्मा और पहचान के विषय के संदर्भ में मनोवैज्ञानिक संरचनाओं की व्याख्या भी करता है। मेंटल हेल्थ और संतुलन के विभिन्न पहलुओं का वर्णन भी इसमें किया गया है।

स्टैटिसटिक्स इन साइकोलॉजी

तीसरे नंबर पर स्टैटिसटिक्स इन साइकोलॉजी है, जो ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस से संबंधित एक इलेक्फोटिव कोर्स है, इसकी शुरुआत भी 15 जुलाई से हो जाएगी.इंग्लिश मध्यम में यह पाठ्यक्रम उपलब्ध होगा। कक्षा 12वीं के स्टूडेंट इससे जुड़ सकते हैं।

 

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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