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UPSC का बड़ा फैसला: सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े नियम बदले, अब अभ्यर्थियों को मिलेगी ये सुविधा 

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यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब प्रीलिम्स के तुरंत बाद उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। इसकी जानकारी आयोग ने हलफनामे में दी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।   
UPSC का बड़ा फैसला: सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े नियम बदले, अब अभ्यर्थियों को मिलेगी ये सुविधा 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। अब यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन प्रीलिम्स के तुरंत बाद आंसर-की जारी करेगा। इस फैसले से लाखों उम्मीदवारों को लाभ होगा। इतना ही नहीं कैंडीडेट्स को उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज करने का मौका भी मिलेगी। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में इस बात की जानकारी दी है।

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के सामने आयोग ने हलफनामे में कहा,”व्यापक विचार-विमर्श और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है।” उत्तर कुंजी पर दर्ज आपत्तियों की समीक्षा के बाद फाइनल आन्सर-की जारी की जाएगी। कैंडीडेट्स को आपत्ति दर्ज करते समय प्रश्न से जुड़े कम से कम 3 आधिकारिक स्त्रोत भी देने होंगे। जिसके बाद रिजल्ट घोषित होंगे। बता दें कि अभ्यर्थी काफी लंबे समय से यह मांग कर रहे थे। जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी  की गई थी।

आयोग ने क्या कहा?

20 सितंबर को दायर एक हलफनामे में आयोग ने कहा कि, “रिट याचिका से लंबित रहने के दौरान यूपीएससी ने इस मामले में सहायता के लिए मान्य न्यायालय द्वारा नियुक्त माननीय न्यायमित्र के सुझाव सहित विभिन्न कारकों पर विचार विमर्श किया। जिसके बाद यह फैसला लिया गया है कि प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होने के बाद तुरंत बाद अनंतिम कुंजी प्रकाशित की जाएगी। परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अभ्यावेदन और आपत्ति मांगी जाएगी।” यूपीएससी ने आगे कहा, “प्रत्येक  आपत्ति के समर्थन में तीन आधिकारिक स्रोत होने चाहिए बिना इसके आपत्ति खारिज कर दी जाएगी। आयोग निर्धारित करेगा कि प्रस्तुत स्तोत्र आधिकारिक है या नहीं।”

किसने दायर की थी याचिका?

अधिवक्ता सरोज त्रिपाठी और राजीव दुबे के जरिए दायर याचिका में तर्क किया गया कि सिविल सेवा परीक्षा की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही अंक, कट ऑफ स्कोर और उत्तर कुंजी प्रकाशित काशित करना ना तो कोई कारण है और ना ही कोई तुक है। याचिका में जोर दिया गया है कि उम्मीदवारों के अंकों का खुलासा करने से उम्मीदवारों को प्रामाणिक आधारों पर गलत और अशुद्ध मूल्यांकन के खिलाफ प्रभावित उपाय करने का अवसर मिलेगा। उन्हें यह जानने का भी अधिकार होगा कि जिन उम्मीदवारों को शॉर्ट लिस्ट किया गया था, उनके अंक सही में अधिक थे। 

यह बदलाव भी होगा 

यूपीएससी दे रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में भी बड़ा बदलाव किया है। आयोग जल्द ही उम्मीदवारों के दस्तावेज जैसे की जाति प्रमाण पत्र, इनकम, पीडब्ल्यूडी सर्टिफिकेट को डिजिलॉकर के जरिए सत्यापित करने वाला है। इस बात की जानकारी बुधवार को अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने दी थी। इसके अलावा आयोग ने “माय यूपीएससी इंटरव्यू” पोर्टल भी लॉन्च किया है। जिस पर रिटायर्ड और सर्विंग सिविल सेवा अधिकारी अपने इंटरव्यू का अनुभव साझा करेंगे। यह सुविधा 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होगी।