छतरपुर: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में सरकारी संपत्ति को रात के अंधेरे में जेसीबी से तोड़े जाने का मामला सामने आया है। घटना बिजावर विधानसभा क्षेत्र के सटई नगर परिषद का है। जहां रात में शासकीय डॉक्टर आवास को जेसीबी से तोड़ दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बिजावर विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि सटई में रात के अंधेरे में एक शासकीय भवन को ध्वस्त कर दिया गया। इस भवन में एक महिला डॉक्टर को रहना था, जिन्होंने इसे ठीक भी कराया था। विधायक के अनुसार, जैसे ही कुछ स्वार्थी लोगों को इसकी भनक लगी, उन्होंने भवन को ही ध्वस्त कर दिया।

विधायक ने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि सरकारी संपत्ति को कोई भी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इसी तरह सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता रहा, तो कल यहां 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अस्पताल को भी ध्वस्त किया जा सकता है।

विधायक ने सरकारी भवन को ध्वस्त करने पर उठाये सवाल

राजेश शुक्ला ने बताया कि जनवरी 2025 में कलेक्टर ने भवन को ध्वस्त करने के संबंध में आदेश दिया था, लेकिन जब NOC मांगा गया तो सभी संबंधित विभागों ने लिखित में दिया कि भवन ध्वस्त करने योग्य नहीं है। इसके बाद भवन को तोड़ने पर रोक लगा दी गई थी। विधायक ने सवाल उठाया कि अब दो साल बाद ऐसी कौन-सी परिस्थिति पैदा हो गई कि रातोंरात भवन को ध्वस्त करना पड़ा?

प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम

विधायक राजेश शुक्ला ने मामले को गंभीर बताते हुये प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।