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बागेश्वर धाम में शादी की तारीख तय… धूमधाम से निकलेगी बारात

Written by:Amit Sengar
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Bageshwar Dham : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लंबे समय से सुर्खियों में बने हुए है। हाल ही में महाराष्ट्र की एक समिति द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है इसी बीच बागेश्वर धाम पर शादी की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रहीं है। जिसको लेकर हर किसी के मन में जानने की जिज्ञासा है कि आखिर किसके सिर पर सेहरा सजाने वाला है।

121 गरीब कन्याओं की होगी शादी

दरअसल, हर साल की तरह इस वर्ष भी छतरपुर बागेश्वर धाम पर सामूहिक विवाह होने जा रहा है। यह अगले महीने आने वाली 18 फरवरी को शिवरात्रि के मौके पर बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित हो रहा है। इसमें 121 गरीब कन्याओं की शादी होगी। लेकिन अब तक साढ़े पांच सौ से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। लेकिन बागेश्वर धाम सरकार की सर्वे टीम पूरी जाँच पड़ताल कर रही है साथ ही दुल्हन की घर की आर्थिक हालत के साथ दूल्हे के कैरेक्टर तक की पड़ताल की जा रही है। इस सामूहिक विवाह समारोह में पंडित धीरेंद्र शास्त्री भी मौजूद रहेंगे। उधर बागेश्वर धाम के कार्यकर्ता घर-घर जाकर उनके परिवारों की स्थिति की जांच कर रहे हैं। कार्यकर्ता यह पता कर रहे हैं कि शादी के लिए आवेदन करने वाले अभिभावक के घर की हालत कैसी है? उनकी आमदनी कितनी है? घर में क्या सुविधाएं मौजूद हैं?

बागेश्वर धाम सरकार की सर्वे टीम कर रही है जाँच पड़ताल

अहम बात है कि बागेश्वर धाम सरकार की सर्वे टीम आवेदकों के घर पहुंचकर पता लगा रही है कि दूल्हा किसी प्रकार का नशा तो नहीं करता है। साथ ही दूल्हा दुल्हन के घर टॉयलेट हैं या नहीं, इसके साथ ही दूल्हे का या उसके परिवार का आपराधिक रिकार्ड भी देखा जा रहा है। दस्तावेज में चेक किया जा रहा है कि लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम तो नहीं है। उम्र प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या ग्राम पंचायत उप रजिस्ट्रार या नगर पालिका रजिस्ट्रार या फिर अस्पताल से जारी सर्टिफिकेट चेक किया जा रहा है।

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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