मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कैबिनेट विस्तार की संभावना प्रबल है। सूत्रों के अनुसार, मंत्री बनने वाले विधायकों को आज चार घंटे पहले फोन कॉल के जरिए राजधानी रायपुर बुलाया जा सकता है। प्रदेश में इस विस्तार को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं, और कई विधायकों के नाम संभावित मंत्रियों की सूची में सामने आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह खबर फैल गयी हैं कि जल्द ही नए मंत्रियों की शपथ हो सकती हैं।
लंबे समय से छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार का इंतजार हो रहा था, लेकिन अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त से विदेश दौरे पर रवाना होंगे, और इससे पहले कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप देना लगभग तय माना जा रहा है। सीएम साय ने हाल ही में इसकी पुष्टि करते हुए संकेत दिए थे। आज होने वाली कैबिनेट बैठक के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद हैं।
नए चेहरों को मौका, सामाजिक संतुलन पर जोर
कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को शामिल करने की चर्चा तेज है, क्योंकि वर्तमान मंत्रिमंडल में ज्यादातर मंत्री नए हैं। भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। गजेंद्र यादव, संपत अग्रवाल, नीलकंठ टेकाम, चैतराम अटामी, अमर अग्रवाल और भावना बोहरा जैसे विधायकों के नाम मंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं। सूत्रों का कहना है कि एक वरिष्ठ मंत्री का इस्तीफा लेकर उन्हें किसी बड़े पद पर नियुक्त किया जा सकता है।
सभी की निगाहें शपथ ग्रहण पर
कैबिनेट विस्तार को लेकर औपचारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक हलकों में उत्साह चरम पर है। माना जा रहा है कि 18 अगस्त को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। यह विस्तार न केवल मंत्रिमंडल को मजबूती देगा, बल्कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की रणनीति को भी दिशा देगा। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बहुप्रतीक्षित विस्तार पर टिकी हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।





