छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय का पेपर लीक होने का दावा किया जा रहा है। जिसके बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इतना ही नहीं इस मामले में अब सियासी घमासान भी देखा जा रहा है। 14 मार्च 2026 को 12वीं की हिंदी का पेपर था और 15 मार्च को सोशल मीडिया पर छात्र संगठनों ने पेपर लीक होने की जानकारी दी।
सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने का दावा
छात्र संगठनों द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है कि हिंदी के पेपर के एक दिन पहले 13 मार्च को ही विषय से संबंधित सवाल का एक पर्चा सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर वायरल हुआ था। उस पर्चे में कुल 15 सवाल थे। जैसे ही इसकी जानकारी छात्र संगठनों को लगी तो उन्होंने जमकर हंगामा किया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पेपर लीक मामले के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। छात्र संगठन NSUI ने माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं विधानसभा में भी विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
FIR दर्ज, कार्यवाई का आश्वासन
इस मामले को लेकर छात्र संगठन NSUI ने जब कार्रवाई की मांग उठाई जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने सिविल और साइबर थाने में FIR दर्ज कराई है। सचिव ने कहा, हर फैसला जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे साइबर सेल के साथ मिलकर मामले की पूरी जांच कर रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक की बात से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया है।







