रायपुरः छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक अहम खबर सामने आई है, जहां राज्यसभा की दो सीटों पर बिना किसी मुकाबले के निर्वाचन संपन्न हो गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ आदिवासी नेता फूलोदेवी नेताम दूसरी बार उच्च सदन के लिए चुनी गई हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा भी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं।

किसी भी अन्य उम्मीदवार के मैदान में नहीं होने के कारण, दोनों ही प्रत्याशियों की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों नवनिर्वाचित सांसदों को उनका निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। निर्वाचन के बाद दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी, जो प्रदेश की राजनीति में एक सकारात्मक तस्वीर पेश करता है।

कौन हैं दोबारा राज्यसभा पहुंचने वाली फूलोदेवी नेताम?

बस्तर की एक सशक्त आदिवासी आवाज मानी जाने वाली फूलोदेवी नेताम का राजनीतिक सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा, इससे पहले उन्हें साल 2020 में कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था। वह छत्तीसगढ़ में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं।

फूलोदेवी नेताम का नाम उस वक्त भी चर्चा में आया था जब वह साल 2013 में कांग्रेस के काफिले पर हुए नक्सली हमले में बाल-बाल बची थीं। वह कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की सदस्य भी रही हैं और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए पहचानी जाती हैं।

लक्ष्मी वर्मा: बूथ स्तर से राज्यसभा तक का सफर

भाजपा की ओर से राज्यसभा पहुंचने वाली लक्ष्मी वर्मा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की। उन्होंने साल 1990 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। साल 2000 में उन्हें तत्कालीन रायपुर सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया, जो उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

इसके बाद उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। 2001 में वह भाजपा महिला मोर्चा की कार्यसमिति सदस्य बनीं। 2010 से 2014 तक उन्होंने भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य के रूप में काम किया। हाल ही में, वह 2021 से 2025 तक के लिए भाजपा छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त की गईं और साथ ही उन्होंने गरियाबंद जिले के संगठन प्रभारी और पार्टी प्रवक्ता की भी जिम्मेदारी संभाली।