Hindi News

किसानों के लिए खुशखबरी! सरकार ने लॉन्च किया ‘तुहर टोकन मोबाइल ऐप’, अब घर बैठे पाएंगे धान खरीदी का टोकन

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
Last Updated:
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो रही है। इससे पहले सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ‘तुहर टोकन मोबाइल ऐप' (Tuhar Token Mobile App) लॉन्च किया है। इसकी सहायता से किसान अब घर बैठे टोकन ले सकते हैं। इस एप से हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन लिया जा सकेगा।
किसानों के लिए खुशखबरी! सरकार ने लॉन्च किया ‘तुहर टोकन मोबाइल ऐप’, अब घर बैठे पाएंगे धान खरीदी का टोकन

CG Dhan Kharidi

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक एप लॉन्च किया है। 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी (Dhan Kharidi) शुरू होना है। ऐसे में राज्य सरकार ने अब डिजीटल टोकन की व्यवस्था कर दी है। जिससे किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में नहीं लगना होगा। धान खरीदी में सुगमता के लिए ‘तुहर टोकन मोबाइल ऐप’ (Tuhar Token Mobile App) लॉन्च किया गया है। इसकी सहायता से किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर सकते हैं।

एप में कैसे करें पंजीयन?

बता दें कि किसान अपने मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर पर तुहर टोकन मोबाइल ऐप सर्च कर इसको डाउनलोड कर सकते हैं। जैसे ही ये एप डाउनलोड हो जाएगा तब किसान इसमें आधार नंबर डालकर लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करेंगे। फिर ओटीपी भरकर पंजीयन कर सकेंगे। बता दें कि इस एप से हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन लिया जा सकेगा।

जमीन के आधार पर मिलेगा टोकन

धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीमांत कृषक (2 एकड़ या 2 एकड़ से कम भूमि) को अधिकतम 1 टोकन, लघु कृषक ( 2 से 10 एकड़ तक) को अधिकतम 2 टोकन और दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक) को अधिकतम 3 टोकन प्रदान किए जाएंगे।

राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल किसानों को डिजिटल सुविधा से जोड़ने के साथ-साथ पारदर्शी खरीदी व्यवस्था को मजबूत करेगी। वहीं सरकार का कहना है कि धान खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की खरीदी सीमा का 70% हिस्सा मोबाइल ऐप से जारी टोकन के लिए आरक्षित रहेगा। इस 70% में से 80% टोकन लघु और सीमांत किसानों के लिए, जबकि 20% दीर्घ किसानों के लिए सुरक्षित रहेंगे। शेष 30% टोकन सोसाइटी स्तर पर जारी किए जाएंगे ताकि सभी वर्ग के किसान आसानी से धान विक्रय कर सकें। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों को भी नियंत्रण में रखा जाएगा।