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छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों को झटका, 10-12 जून तक रहेंगी कई ट्रेनें रद्द, जानें क्या है वजह

Written by:Gaurav Sharma
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छत्तीसगढ़ से यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर है। 10 से 12 जून तक कई मेमू-डेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी होगी।

छत्तीसगढ़ से यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बार फिर परेशानी का दौर शुरू हो गया है। आगामी तीन दिनों तक, यानी 10 जून से 12 जून तक, प्रदेश से गुजरने वाली कई मेमू और डेमू ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, वहीं कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। रेलवे के इस फैसले से हजारों यात्रियों को अचानक अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ेगा और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से कठिन होगी जिन्होंने पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बना रखी थी या जिनके पास यात्रा का कोई अन्य विकल्प मौजूद नहीं है।

रेलवे अधिकारियों ने इस बड़ी असुविधा का कारण भी स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, यह निर्णय मालगोदाम लाइन के कमीशनिंग कार्य के लिए लिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे ने एक विशेष नॉन-इंटरलॉकिंग और प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक की घोषणा की है। यह तकनीकी कार्य रेलवे परिचालन की सुरक्षा और दक्षता के लिए आवश्यक बताया जा रहा है, लेकिन इसका सीधा खामियाजा आम यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। मुख्य कमीशनिंग कार्य 11 जून को शुरू होगा और यह 12 जून तक अनवरत चलेगा। इसके अतिरिक्त, इस मुख्य कार्य से पहले भी तैयारी संबंधी गतिविधियों के लिए ब्लॉक लिया जाएगा, जिसका अर्थ है कि 10 जून से ही ट्रेनों की आवाजाही पर इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा।

जानें कौन-कौन सी रहेंगी रद्द

इस तीन दिवसीय ब्लॉक के चलते जिन महत्वपूर्ण मेमू और डेमू सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा, उनमें रायपुर-डोंगरगढ़ रूट की ट्रेनें शामिल हैं। डोंगरगढ़ से रायपुर की ओर आने वाली और रायपुर से डोंगरगढ़ जाने वाली दोनों दिशाओं की सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इसी प्रकार, डोंगरगढ़ और गोंदिया के बीच चलने वाली मेमू-डेमू ट्रेनें भी इस दौरान अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगी। गोंदिया से डोंगरगढ़ और डोंगरगढ़ से गोंदिया, दोनों ही दिशाओं में यात्रियों को इन ट्रेनों की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके अलावा, इतवारी-गोंदिया और गोंदिया-इतवारी रूट पर भी यात्री सेवा बाधित होगी। इतवारी-बालाघाट और बालाघाट-इतवारी के बीच चलने वाली मेमू-डेमू ट्रेनें भी इस अवधि में पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं। रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि इन सभी ट्रेनों को निर्धारित तिथियों पर पूरी तरह रद्द रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे इन रूट्स पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई वैकल्पिक ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं होगी।

पैसेंजर ट्रेनों के संचालन में हुआ बदलाव

यात्रियों की परेशानी यहीं समाप्त नहीं होती। कुछ पैसेंजर ट्रेनों के संचालन में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। रायपुर-डोंगरगढ़ पैसेंजर ट्रेन, जो आमतौर पर अपनी पूरी दूरी तय करती है, उसे 10 और 11 जून को केवल दुर्ग तक ही संचालित किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि दुर्ग से आगे डोंगरगढ़ तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई अन्य साधन तलाशना होगा। इसी तरह, डोंगरगढ़ से बिलासपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर सेवा भी दुर्ग स्टेशन से ही अपनी यात्रा शुरू करेगी। यह ट्रेन डोंगरगढ़-दुर्ग खंड में बिल्कुल भी नहीं चलेगी, जिससे इस महत्वपूर्ण खंड के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यात्रियों को यह समझना होगा कि ये बदलाव अचानक हुए हैं और इनके कारण उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह से बदल सकती हैं।

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित ट्रेनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। यह जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, एनटीईएस ऐप या रेलवे पूछताछ काउंटर से प्राप्त की जा सकती है। ऐसा करने से यात्री अनावश्यक परेशानी और असुविधा से बच सकेंगे। रेलवे ने यह भी आश्वस्त किया है कि यह तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय रहेगा। यात्रियों को इस दौरान वैकल्पिक परिवहन विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है, या अपनी यात्रा को स्थगित करना पड़ सकता है। रेलवे के इस कार्य का उद्देश्य भले ही दीर्घकालिक सुरक्षा और दक्षता बढ़ाना हो, लेकिन अल्पकालिक तौर पर यह यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका है।

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