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पश्चिम एशिया संकट पर सीएम साय की उच्चस्तरीय बैठक, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Written by:Ankita Chourdia
Published:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को राज्य में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। राजधानी रायपुर में संभागायुक्तों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने बताया कि एक अभियान के तहत 335 स्थानों पर छापेमारी कर 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि 97 एफआईआर भी दर्ज हुई हैं। हालांकि, अभी तक कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई है, सरकार ने आम जनता तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
पश्चिम एशिया संकट पर सीएम साय की उच्चस्तरीय बैठक, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को राज्य में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। राजधानी रायपुर स्थित अपने सीएम हाउस में उन्होंने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को मजबूत करना था ताकि किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी न हो।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि राज्यभर में जमाखोरी के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत कुल 335 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इन छापों के दौरान जमाखोरी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही, इन मामलों में अब तक 97 अलग-अलग एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी तक की जांच में कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जमाखोरी करने वालों पर सरकार की नजर बनी रहेगी।

कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर बिना किसी देरी के कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और हर परिस्थिति में इसे बनाए रखा जाना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों और अधिकारियों को टीम भावना के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह के संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

बैठक में सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण और आपूर्ति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखना जरूरी है ताकि कहीं भी किसी भी आवश्यक वस्तु की कृत्रिम कमी पैदा न हो। यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहे और उसकी कीमतें स्थिर रहें, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक बोझ न उठाना पड़े।

सरकार ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन संस्थानों में गैस की उपलब्धता में कोई कमी न आए, इसके लिए अलग से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है, क्योंकि इनकी सेवाएं सीधे तौर पर लाखों लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ी हैं।

पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर सख्त निगरानी के दिए निर्देश

पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर भी लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने सीमावर्ती चेकपोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने के साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि आम जनता को पेट्रोल-डीजल कंटेनरों में उपलब्ध न कराया जाए। कंटेनरों में ईंधन की आपूर्ति केवल अधिकृत मोबाइल टावर और जेनसेट संचालित करने वाले आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही की जाएगी, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो और अवैध भंडारण रोका जा सके।

छत्तीसगढ़ में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार- सीएम साय

वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को खाद की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी बैठक में साझा की गई, जिससे किसानों को समय पर और सही मात्रा में खाद मिल सके।

सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति से संबंधित समाचारों पर सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा संवेदनशील माहौल में भ्रामक खबरों से जनता के बीच भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः ऐसी खबरों का तत्काल संज्ञान लिया जाए और वास्तविक एवं सही जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी रखने और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि अफवाहों पर विराम लग सके और सही संदेश लोगों तक पहुंचे।

मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की लगातार निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या, शिकायत अथवा कालाबाजारी की सूचना टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दे सकते हैं। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा और प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे और कोई भी व्यक्ति इसका अनुचित लाभ न उठा सके।

Ankita Chourdia
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