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जावद में ‘जहर मुक्त कृषि शिविर’: मंत्री विजयवर्गीय बोले- “रासायनिक खेती से गांवों में पहुंच रहा कैंसर और हार्ट अटैक, प्राकृतिक खेती अपनाएं”

Reported by:Kamlesh Sarda|Edited by:Atul Saxena
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कैलाश विजयवर्गीय ने कहा शून्य लागत प्राकृतिक खेती आज समय की जरूरत है। यह हमारी धरती मां, पर्यावरण एवं आने वाली पीढ़ियों के संरक्षण का मार्ग प्रशस्त करती है।
जावद में ‘जहर मुक्त कृषि शिविर’: मंत्री विजयवर्गीय बोले- “रासायनिक खेती से गांवों में पहुंच रहा कैंसर और हार्ट अटैक, प्राकृतिक खेती अपनाएं”

Kailash Vijayvargiya Agriculture Camp, Jawad

आधुनिक कृषि में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की खत्म होती उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहे इसके जानलेवा प्रभावों को लेकर प्रदेश सरकार अब गंभीर है। इसी कड़ी में नीमच जिले के जावद में एक अहम पहल करते हुए ‘जहर मुक्त जीरो बजट कृषि प्रशिक्षण शिविर’ का भव्य आयोजन किया गया। जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के जनक और पद्मश्री से सम्मानित सुभाष पालेकर, क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

शिविर को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से चर्चा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रासायनिक खेती के गंभीर परिणामों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “हरित क्रांति के बाद से रासायनिक खादों का उपयोग बहुत बढ़ गया है। आज पंजाब जैसे राज्यों में इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, जहां जमीनें बंजर हो रही हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जहां-जहां रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड्स पहुंच रहे हैं, वहां बीमारियां पहुंच रही हैं। आज गांवों में ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जो सीधे तौर पर हमारे खान-पान में घुले इसी रसायनों के जहर का नतीजा है।”

विधायक सखलेचा की पहल की सराहना, पालेकर को बताया ‘प्रोफेसर’

किसानों को जागरूक करने के लिए जावद में इस बड़े आयोजन की रूपरेखा तैयार करने वाले स्थानीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के प्रयासों की मंच से सराहना की गई। मंच पर मौजूद प्राकृतिक खेती के प्रणेता सुभाष पालेकर का सम्मान करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, “सुभाष पालेकर जी ने जीरो बजट प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है, जिसके लिए प्रधानमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है। मैं इस विधा में उनका विद्यार्थी हूं और वे मेरे प्रोफेसर हैं।”

किसानों से खास अपील और 2 लाख करोड़ की सब्सिडी पर सवाल

मंत्री ने किसानों से एक व्यावहारिक शुरुआत करने का आग्रह करते हुए कहा, “मैं किसानों से यह नहीं कहता कि वे एकदम से पूरी खेती का तरीका बदल दें। लेकिन एक प्रयोग जरूर करें। जिस किसान के पास 5 बीघा जमीन है, वह कम से कम 1 बीघा जमीन पर प्राकृतिक (जैविक) खेती करके देखे।” उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार रासायनिक खादों पर हर साल करीब 2 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी देती है, लेकिन इस राशि का सीधा लाभ किसानों की जेब में जाने के बजाय, हमारी जमीन और सेहत को नुकसान पहुंचाने में लग रहा है।

पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर भी रखा बेबाक पक्ष

जब पत्रकारों ने पेट्रोल-डीजल की किल्लत, कुछ पंपों के बंद होने और निजी कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए जाने का मुद्दा उठाया, तो मंत्री ने इसे वैश्विक संकट से जोड़ा। विजयवर्गीय ने कहा, “आज पूरी दुनिया में आर्थिक संकट और महंगाई का दौर है। हमारे आस-पड़ोस के देशों में चीजों के दाम 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। अगर निजी कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं, तो हमें वैश्विक परिदृश्य को समझना चाहिए। भारत में स्थितियां अभी भी बहुत नियंत्रण में हैं।”

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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