छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा सहित कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बस्तर में बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया है। कई शहरों में पानी घुसने से घर ढह गए, पशुधन को नुकसान हुआ और पुल-पुलिया बह गए। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने प्रभावित सैकड़ों परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां भोजन और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

बाढ़ से प्रभावित बालपेट गांव के निवासी सीताराम ठाकुर ने बताया कि उनका घर नदी किनारे था और अचानक आई बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया। उनके घर में चार फीट तक पानी भर गया, जिससे परिवार को खेतों के रास्ते भागकर जान बचानी पड़ी। प्रशासन ने उन्हें राहत शिविर में पहुंचाया, जहां खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था है। हालांकि, गांव तक जाने वाली सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं, और मिट्टी के बने घरों को भारी नुकसान हुआ है। सीताराम ने सरकार से पुनर्वास और सहायता की उम्मीद जताई।

अचानक आई बाढ़ से घर और सामान पूरी तरह नष्ट

बालपेट गांव की मंजू ठाकुर ने 26 अगस्त को आई बाढ़ को भयानक और अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि अचानक आई बाढ़ ने उनके घर और सामान को पूरी तरह नष्ट कर दिया। लोग अपनी जान बचाकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए। मंजू ने बताया कि अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है, लेकिन कलेक्टर, एसडीएम, एसडीओ और सरपंच प्रभावित लोगों से मिलकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। राहत शिविरों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

साय ने गृह मंत्री अमित शाह दी जानकारी

मुख्यमंत्री साय ने गृह मंत्री अमित शाह को बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें जनहानि, घरों की तबाही, और बुनियादी ढांचे को पहुंचा नुकसान शामिल है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान की जाए और दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।