मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कल गुरुवार को हुई सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों से मिलने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पहुंचे, वे दिल्ली से सीधे छिंदवाड़ा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से उन्होंने मुलाकात की, सीएम ने एक परिवार के सदस्य की भांति पीड़ितों के सिर पर हाथ रखा और उन्हें सांत्वना दी, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि संकट की इस घड़ी में सरकार आपके साथ है, मुख्यमंत्री अस्पताल भी गए और उन्होंने घायलों से उनके हाल जाने साथ ही डॉक्टर्स को निर्देश दिए कि इलाज में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
डॉ मोहन यादव आज दिल्ली प्रवास पर थे, दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के बाद जब वे मध्य प्रदेश लौटे तो अन्य कार्यक्रमों को रद्द करते हुए सीधे छिंदवाड़ा जिले की तहसील मोहखेड़ के ग्राम करेर, ग्वारा और झिरिया पहुंचे यहाँ उन्होंने बस दुर्घटना में मृत हुए व्यक्तियों के परिजनों से मुलाकात की, शोक संवेदना जताई , मुख्यमंत्री ने आत्मीयता के साथ ढांढ़स बंधाते हुए कहा, यह दुर्घटना पीड़ादायक है। आप सभी धैर्य और साहस बनाए रखें, प्रदेश सरकार संकट में आपके साथ खड़ी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा आप हमारा परिवार हैं आपका दुःख हमारा भी दुःख है उन्होंने कहा मैंने इसीलिए प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को रात में ही यहां भेज दिया था, मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर की टीम भी जबलपुर से भेजी गई और एक टीम को नागपुर भेजा गया जिससे वहां भी घायलों का त्वरित इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा मैंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं, जो दोषी होगा छोड़ा नहीं जायेगा।
8-8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यहाँ घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 8-8 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि 4-4 लाख रुपये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दिया जा रहा है और 4-4 लाख रुपये संबल योजना के माध्यम से आर्थिक मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल हर व्यक्ति को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगाी। मुख्यमंत्री ने कहा घायलों का पूरा इलाज सरकार अपने खर्चे पर कराएगी।
सीएम के निर्देश, परिवार के सदस्य की तरह हो इलाज
डॉ मोहन यादव मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे और वहां उन्होंने घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली , सीएम ने छिंदवाड़ा कलेक्टर और चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए घायलों का इलाज परिवार के सदस्य की तरह किया जाये, इनके इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।