नवरात्र के पावन पर्व के दौरान गरबा कार्यक्रमों में फिल्मी गानों और अश्लील गीतों के बजाए जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस पर गहरा एतराज जताते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि सभी गरबा पांडालों में धार्मिक मर्यादा और परंपराओं का सख्ती से पालन कराया जाए।
गरबा पंडालों की जांच कराए प्रशासन
दरअसल ज्ञापन के जरिए विश्व हिंदू परिषद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर में होने वाले सभी छोटे-बड़े गरबा कार्यक्रमों की जांच की जाए। विहिप का कहना है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन होता मिले या अश्लीलता पाई जाए वहां तुरंत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही आयोजकों को सख्त गाइडलाइन भी जारी की जानी चाहिए।
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सालों से उठ रही मांग
विहिप के सदस्यों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे हर साल अपनी आवाज उठाते हैं लेकिन फिर भी कुछ आयोजकों के रवैये में कोई सुधार देखने को नहीं मिलता। संगठन ने चेतावनी दी है कि इस बार प्रशासन मामले को हल्के में न ले। अगर उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और मर्यादा टूटी तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकीं निगाहें
विहिप के इस कड़े रुख और ज्ञापन के बाद अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन गरबा पंडालों पर निगरानी रखने के लिए क्या कदम उठाता है। वहीं दूसरी तरफ संगठन की इस चेतावनी के बाद शहर के गरबा आयोजकों और समिति के सदस्यों के बीच हड़कंप मच गया है। अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
परंपरा और आस्था की रक्षा जरूरी
शहर के स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का भी मानना है कि गरबा जैसे पवित्र आयोजन में धार्मिक गीतों की ही गूंज होनी चाहिए। फिल्मी गानों से माहौल खराब होता है और आस्था को ठेस पहुंचती है। प्रशासन से यह उम्मीद की जा रही है कि वह समय रहते गरबा पंडालों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करेगा ताकि नवरात्र का यह पावन पर्व शांति और भक्तिमय माहौल में पूरा हो सके।
