दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के रिचकुड़ी जंगल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल में एक अज्ञात महिला का नर कंकाल मिला। घटना की जानकारी सबसे पहले एक चरवाहे को हुई, जो अपनी बकरियां चराने जंगल गया था। उसने गांव लौटकर लोगों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्राथमिक जांच में पता चला कि शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और केवल कंकाल बचा था। मौके से सलवार-सूट के कुछ हिस्से और महिलाओं की चप्पल भी बरामद हुई है। इन चीजों के आधार पर पुलिस का मानना है कि कंकाल किसी महिला का हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
महिला के नर कंकाल की पहचान में जुटी पुलिस
तेजगढ़ थाना पुलिस ने मौके का निरीक्षण करने के बाद कंकाल को कब्जे में लेकर तेंदूखेड़ा सिविल अस्पताल भेज दिया है। यहां मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चूंकि शव काफी पुराना और पूरी तरह से डीकंपोज हो चुका है, इसलिए मौत का कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस अब वैज्ञानिक जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है।
जांच अधिकारियों ने आसपास के जिलों और दमोह जिले के सभी थानों से हाल के महीनों में दर्ज महिला गुमशुदगी के मामलों की जानकारी मांगी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह कंकाल किसी लापता महिला का तो नहीं है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास भी तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि कोई अन्य सुराग मिल सके।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामला हत्या का है, दुर्घटना का है या किसी अन्य कारण से महिला की मौत हुई। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
बाइट/ अरविंद सिंह ( थाना प्रभारी तेजगढ़ दमोह)
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
रिचकुड़ी और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद लोगों के बीच डर और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में पहले कभी इस तरह की घटना सामने नहीं आई थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके के आसपास पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी मामले में केवल कंकाल मिलता है, तो पहचान और मौत की वजह का पता लगाना सामान्य मामलों की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में कपड़े, चप्पल, शरीर के अवशेष, आसपास मिले सामान और जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच जैसे वैज्ञानिक तरीकों की मदद ली जाती है। यदि किसी परिवार की गुमशुदा महिला से यह मामला जुड़ता है, तो पहचान की प्रक्रिया और आगे बढ़ाई जाती है।
फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। साथ ही आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी मिलान कर महिला की पहचान करने की कोशिश जारी है।






