सरकार की सख्ती के बाद भी मध्य प्रदेश में घूसखोर शासकीय सेवक रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा रहे हैं, बड़ी बात ये है कि इन्हें कोई खौफ भी नहीं है, इसी क्रम में आज लोकायुक्त सागर की टीम ने दमोह में एक माध्यमिक शिक्षक और एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है, लोकायुक्त ने इनके सहयोगी एक अन्य क्लर्क को भी श आरोपी बनाया है।
लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशों के बाद विभागीय अधिकारी शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हैं एसपी सागर योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि उनके कार्यालय में दमोह जिले के ग्राम करैया के निवासी प्राइमरी शिक्षक नवेन्द्र कुमार आठिया ने एक शिकायती आवेदन दिया था।
शिक्षक ने अपन आवेदन में माध्यमिक शाला भूरी संकुल उर्दू स्कूल दमोह में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक अनिल कुमार साहू , जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दमोह में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 नीरज कुमार सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दमोह में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 मनोज कुमार श्रीवास्तव पर 80,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
अच्छी पोस्टिंग, विभागीय जाँच बंद कराने मांगी रिश्वत
आवेदक शिक्षक नवेन्द्र कुमार ने बताया कि इन लोगों ने उसकी निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद अच्छी जगह पोस्टिंग करने और इसके साथ विभागीय जांच समाप्त करवाने के बदली 80 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सत्यापन किया गया जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई जिसके आधार पर ट्रैप प्लान की गई।
शिक्षक और क्लर्क रंगे हाथ पकड़ा
सागर लोकायुक्त पुलिस की एक टीम आज दमोह पहुंची और निर्धारित समय पर आवेदक शिक्षक नवेन्द्र कुमार को घूसखोरों द्वारा बताये गए स्थान पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने दमोह जबलपुर आम रोड पर भेजा, यहाँ माध्यमिक शिक्षक अनिल कुमार साहू ने उससे 80 हजार रुपये ले लिए उसके साथ क्लर्क नीरज कुमार सोनी भी मौजूद था।
तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पास में ही छिपी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दोनों घूसखोरों को घेर लिया और पकड़ लिया, इनके पास से रिश्वत में ली गई राशि भी बरामद कर ली गई इनसे पूछताछ में ये प्रमाणित हो गया कि इनका तीसरा साथी क्लर्क मनोज कुमार श्रीवास्तव भी उनके साथ शामिल है जिसके बाद उसे भी इस मामले में सह आरोपी बनाया गया है, पुलिस ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।






