दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुलिस उस वक्त हैरान रह गई, जब एक गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी में सामान्य फसलों के बीच करीब ढाई एकड़ में फैली अफीम की लहलहाती फसल सामने आई। इस अवैध खेती का बाजार मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खेत मालिक को हिरासत में ले लिया है और फसल को नष्ट करने का काम शुरू कर दिया है।
यह पूरा मामला जिले के तेजगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र की इमलिया चौकी के अंतर्गत आने वाले सुहेला गांव का है। पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि गांव के एक खेत में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ की खेती की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तेजगढ़ पुलिस ने एक टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।
पुलिस को भी नहीं था इतने बड़े पैमाने का अंदाजा
जब पुलिस टीम खेत पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। किसी छोटे-मोटे हिस्से में नहीं, बल्कि लगभग ढाई एकड़ की विशाल भूमि पर अफीम के पौधे लगे हुए थे, जिन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे यह कोई आम फसल हो। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और जांच शुरू की।
खेत मालिक को मौके से ही हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अवैध रूप से अफीम की खेती करने की बात स्वीकार कर ली है।
फसल को उखाड़ने में जुटे 25 मजदूर
अफीम की फसल का रकबा इतना बड़ा है कि इसे नष्ट करने के लिए पुलिस को 25 मजदूरों की मदद लेनी पड़ रही है। पुलिसकर्मी खुद भी मजदूरों के साथ मिलकर पौधों को उखाड़ने के काम में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है।
“आला अधिकारियों के निर्देश पर फसल को उखाड़ने का काम चल रहा है और आज पूरा नहीं हुआ तो कल भी जारी रहेगा।”- अरविंद सिंह, थाना प्रभारी, तेजगढ़
तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि ऑपरेशन वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आज पूरी फसल नष्ट नहीं हो पाती है, तो यह अभियान कल भी जारी रहेगा। खेत के चारों तरफ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कोई सबूत नष्ट न कर सके। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस अफीम की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, लेकिन सही कीमत का पता पूरी फसल के नष्ट होने और उसके वजन के बाद ही चल पाएगा।





