मध्य प्रदेश के उमरिया और अनूपपुर जिले की सीमा पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पर बेकाबू होकर पलट गई, जिससे चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में 37 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटते ही कई लोग पुलिया के नीचे दब गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, इस हृदय विदारक हादसे में मृतकों की पहचान पड़मनिया निवासी घनश्याम गोड़ और गिंजरी निवासी सहबल बैगा के रूप में हुई है। अन्य दो मृतकों की पहचान अभी की जा रही है। बताया गया है कि दो ग्रामीणों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दो अन्य लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अनूपपुर जिले के गिंजरी गांव के ग्रामीण परिवार सहित तिवनी जंगल में पूजा-अर्चना करने के लिए उमरिया पहुंचे थे। पूजा-अर्चना के बाद सभी ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर अपने गांव गिंजरी वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उमरिया-अनूपपुर बॉर्डर के पास तिवनी गांव की पुलिया पर ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित हो गई और बेकाबू होकर पलट गई।
पुलिया से दस फीट नीचे गिरी ट्रैक्टर-ट्रॉली
हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया से करीब दस फीट नीचे जा गिरी। ट्रॉली में सवार लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे कई लोग ट्रॉली और उसके नीचे दबे रह गए। यह मंजर देख मौके पर मौजूद लोग सकते में आ गए और चारों तरफ चीख-पुकार मचने लगी।
हादसे में 37 लोग घायल
हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल इकतालीस लोग सवार थे, जिनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी शामिल थे। इस दर्दनाक घटना में सैंतीस लोग घायल हुए हैं। घायलों में बाईस पुरुष, चौदह महिलाएं और पांच बच्चे बताए गए हैं। कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम
घटना की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
घायलों को एक सौ आठ एम्बुलेंस की मदद से पाली अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका सघन उपचार जारी है।
हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर शाम तक भीड़ लगी रही और अपने परिजनों की कुशलक्षेम जानने के लिए लोग व्याकुल दिखे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पाली पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोग तो सवार नहीं थे। अधिकारियों ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।





