मध्य प्रदेश सरकार ने जैन समाज से जुड़ा एक बड़ा फैसला लेते हुए आचार्य समय सागर महाराज को राजकीय अतिथि घोषित कर दिया है। दरअसल राजधानी भोपाल में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की। वहीं इस फैसले का कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया।
दरअसल मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का मार्गदर्शन समाज को सही दिशा देता है और ऐसे महापुरुषों का सम्मान पूरे प्रदेश का सम्मान है। उन्होंने आचार्य समय सागर महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि संतों के सान्निध्य से समाज में सेवा, संयम और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया, जबकि आचार्य समय सागर महाराज ने उन्हें शास्त्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
चातुर्मास महोत्सव बना खास
दरअसल भोपाल में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव इस बार कई मायनों में खास रहा। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु इस आयोजन में पहुंचे। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पूरे परिसर में खुशी का माहौल दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान समाज के कई त्यागी-व्रतियों का सम्मान भी किया गया। आयोजन समिति ने इसे जैन समाज के लिए ऐतिहासिक पल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि उसकी संत परंपरा, आध्यात्मिक सोच और सेवा संस्कृति से भी होती है। उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के साथ अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि आचार्य समय सागर महाराज उसी आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समाज और संतों के सहयोग से संस्कृति, शिक्षा, सेवा और सामाजिक मूल्यों को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
विधानसभा आने का भी दिया न्योता
दरअसल आचार्य समय सागर महाराज ने अपने आशीर्वचन में अहिंसा को मानव जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि धर्म का मतलब केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना, शिक्षा को बढ़ावा देना, पर्यावरण की रक्षा करना और जीवों के प्रति दया रखना भी धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने लोगों से सेवा कार्यों में आगे आने की अपील की। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य श्री को मध्य प्रदेश विधानसभा आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने इच्छा जताई कि प्रदेश के सभी विधायक आचार्य श्री का मार्गदर्शन प्राप्त करें, ताकि जनप्रतिनिधि सेवा और जनहित के मूल्यों को और बेहतर तरीके से समझ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के विकास के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने इस घोषणा को संत परंपरा के सम्मान और समाज के लिए गर्व का विषय बताया।






