प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” राष्ट्रीय अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के मैनिट में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की पहली शर्त नशामुक्त भारत है और युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लगे, इसके लिए समाज को मिलकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा, परिवार, सामाजिक सम्मान और भविष्य भी बर्बाद कर देता है। मध्यप्रदेश सरकार नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू की गई है और पुलिस ने पूरे महीने विशेष अभियान चलाकर नशे के कारोबार पर कार्रवाई की है।
दो भाइयों की घटना का दिया उदाहरण
नशे से जुड़े एक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में नशे की वजह से दो भाइयों के बीच चाकूबाजी हुई, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि नशा इंसान ही नहीं, पूरे परिवार को तबाह कर देता है। इसलिए युवाओं को इससे दूर रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए।
नशा मुक्ति पूरे समाज की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्ति किसी एक विभाग का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रदेश से डाकुओं और नक्सलवाद पर प्रभावी कार्रवाई हुई, उसी तरह अब नशे के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि तय लक्ष्य के अनुसार देश नशामुक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
लोगों ने ली यह शपथ
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही परिवार, मित्रों और समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाकर नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।






