संदलपुर में रविवार को किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब मां नर्मदा वेयरहाउस में मूंग की तुलाई नहीं होने से सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए। पिछले कई दिनों से अपनी उपज लेकर वेयरहाउस पहुंचे किसान लगातार इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तुलाई का काम समय पर शुरू नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। रविवार को भी तुलाई बंद रहने की जानकारी मिलते ही किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे ट्रॉलियों में मूंग लेकर इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि वे तीन से पांच दिन से वेयरहाउस के बाहर डटे हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से फसल खराब होने का डर सता रहा है। इसी नाराजगी के चलते किसानों ने इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मां नर्मदा वेयरहाउस के बाहर 200 ट्रॉलियां
जानकारी के अनुसार संदलपुर स्थित मां नर्मदा वेयरहाउस में करीब 200 ट्रॉलियां मूंग से भरी खड़ी हैं। किसान कई दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तुलाई की प्रक्रिया धीमी होने के कारण उनकी उपज अब तक नहीं खरीदी जा सकी।
रविवार को भी तुलाई कार्य बंद रहने की बात सामने आने पर किसानों का धैर्य जवाब दे गया। बड़ी संख्या में किसान वेयरहाउस से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दोनों तरफ लगा वाहनों का लंबा जाम
किसानों के सड़क पर उतरते ही इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। कुछ ही देर में हाईवे के दोनों ओर ट्रक, बस, कार और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि जब तक मूंग की तुलाई शुरू नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से तुरंत व्यवस्था सुधारने और तुलाई नियमित रूप से कराने की मांग की।
बारिश के बीच ट्रॉलियों पर रात गुजारने को मजबूर किसान
किसानों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से वेयरहाउस के बाहर खड़े हैं। कई किसानों को चार से पांच दिन तक अपनी ट्रॉलियों के पास ही रहना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से मूंग की फसल भीगने का खतरा बना हुआ है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होने की चिंता सता रही है।
किसानों ने बताया कि अगर समय पर तुलाई हो जाए तो उन्हें इस तरह खुले में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनका कहना है कि फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत लगती है और अब तुलाई में देरी के कारण नुकसान का डर बढ़ गया है।
किसानों की मुख्य मांग क्या है?
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की कि रविवार सहित सभी आवश्यक दिनों में तुलाई का काम जारी रखा जाए, ताकि लंबी कतारें कम हो सकें। उनका कहना है कि जब बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे हैं, तो तुलाई की गति भी उसी हिसाब से बढ़ाई जानी चाहिए। किसानों का यह भी कहना है कि यदि समय पर खरीद और तुलाई की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।






