शनिवार सुबह मंदसौर जिले के नारायणगढ़ में लोगों की दिन की शुरुआत एक हैरान कर देने वाली घटना से हुई। एक परिवार जब रोज की तरह अपने काम में लगा था, तभी घर की सीढ़ियों पर बैठे एक विशाल मगरमच्छ पर नजर पड़ी। यह दृश्य देखते ही घर में मौजूद महिला घबरा गई और उनकी चीख सुनकर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे।
कुछ ही मिनटों में मगरमच्छ मिलने की खबर पूरे इलाके में फैल गई। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास चंबल नदी में छोड़ दिया।
सुबह चाय बनाने जा रही महिला की नजर मगरमच्छ पर पड़ी
जानकारी के अनुसार यह घटना नारायणगढ़ निवासी टेंट व्यवसायी शैलेंद्र पाटीदार के घर की है। शनिवार सुबह उनकी पत्नी घर की ऊपरी मंजिल पर बने रसोईघर में चाय बनाने जा रही थीं। जैसे ही वे सीढ़ियों तक पहुंचीं, वहां बैठे करीब 6 फीट लंबे मगरमच्छ को देखकर घबरा गईं और जोर से चीख पड़ीं।
आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। सीढ़ियों पर मगरमच्छ को देखकर सभी हैरान रह गए और तुरंत घर से बाहर निकलकर वन विभाग को सूचना दी गई।
गांव में मची अफरा-तफरी
घर में मगरमच्छ होने की खबर पूरे गांव में तेजी से फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर जमा हो गए। हालांकि लोगों को मगरमच्छ से दूर रहने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी घर के अंदर इतनी बड़ी संख्या में मगरमच्छ को देखा है। इस वजह से पूरे इलाके में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
वन विभाग ने एक घंटे तक चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने में करीब एक घंटे का समय लगा।
रेस्क्यू टीम ने बिना किसी नुकसान के मगरमच्छ को काबू में किया और उसे सुरक्षित वाहन में रखकर चंबल नदी ले जाया गया। वहां उसे उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश के कारण रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे मगरमच्छ
वन विभाग के अनुसार इन दिनों मंदसौर जिले में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। तेज बहाव की वजह से मगरमच्छ और अन्य जलीय जीव कई बार अपने प्राकृतिक स्थान से बहकर गांवों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इसी कारण वन विभाग लगातार सतर्क है और ऐसी किसी भी सूचना पर तुरंत रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा जा रहा है, ताकि लोगों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






