मंदसौर के सीतामऊ थाना क्षेत्र में स्थित लदुना गांव से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक यहां एक 15 वर्ष किशोर को कोबरा ने काट लिया। यहां लापरवाही की हद तब हो गई जब घटना के बाद परिजन इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाने की जगह झाड़ फूंक के लिए गांव के तेजा बाउजी मंदिर लेकर पहुंच गए।
अंधविश्वास के चक्कर में पड़े परिजनों के लापरवाही के चलते युवक के इलाज में देरी हुई। जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर होती चली गई। जब वह ठीक होता नहीं दिखाई दिया तब सर्प मित्र की सलाह पर उसे अस्तपाल भेजा गया। जहां से उसे मंदसौर जिला अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर है और उसका इलाज चल रहा है।
लकड़ियों के बीच बैठा था कोबरा
इस घटना से जुड़ी जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक 15 वर्षीय प्रदीप सेन निवासी ग्राम राजनगर सीतामऊ चाय की दुकान पर काम करता है। सोमवार की रात जब वह भट्टी जलाने के लिए लकड़ियां उठा रहा था। तभी लकड़ियों में छुपे हुए कोबरा ने उसे डस लिया। प्रदीप के चिल्लाने की आवाज सुनकर होटल संचालक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे गांव के तेजा बाउजी मंदिर ले गए।
अंधविश्वास के चलते नहीं मिला इलाज
घटना के बाद प्रदीप को अस्पताल ले जाने की जगह मंदिर ले जाकर पारंपरिक तरीके से उसका उपचार करने का प्रयास किया गया। इस वजह से काफी समय बर्बाद हुआ। जबकि सांप के काटने के मामले में शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। जब घटना की सूचना मिलने पर सर्प मित्र रवि पाटीदार मौके पर पहुंचे तो उन्होंने कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और पहचान करने के बाद परिजनों से बिना देरी किए किशोर को अस्पताल ले जाने को कहा। तब परिजन प्रदीप को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां प्राथमिक उपचार के साथ एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन दिया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे मंदसौर जिला अस्पताल रेफर किया गया।

वेंटिलेटर पर है किशोर
जब किशोर को जिला अस्पताल ले जाया गया। तब उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। ऐसे में उसे इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। चिकित्सक लगातार उसके स्वास्थ्य के निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टर के मुताबिक किशोर की स्थिति गंभीर है उसे बचाने के लिए 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण है।
अंधविश्वास ले सकता है जान
ग्रामीण क्षेत्र से आई ये घटना एक बार फिर यह उजागर करती है कि आज भी लोग अंधविश्वास में पड़े हुए हैं और उन्हें जागरूकता की बहुत जरूरत है। सर्पदंश के किसी भी मामले में प्राथमिक उपचार के साथ तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे सुरक्षित उपाय है। ऐसे में किसी भी प्रकार की झाड़ फूंक में पड़ने की जगह तुरंत चिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए।






