मंदसौर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग एमडी और डोडाचूरा जब्त किया गया है। पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्री में करीब 150 ग्राम एमडी ड्रग, 5 किलो डोडाचूरा, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। इस पूरे मामले में एक अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से फरार है, जिसकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के कुशल निर्देशन तथा नई आबादी थाना प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को मुखबिर के माध्यम से मादक पदार्थ की तस्करी की सटीक सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस दल ने नालछा माता फंटे के पास दबिश दी। मौके पर पुलिस ने मंदसौर के खानपुरा निवासी शाहनवाज (20) पिता फारुख रंगरेज और मोहम्मद हसन (21) पिता बाबू खां रंगरेज को घेराबंदी कर धरदबोचा। दोनों आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए गए।
150 ग्राम एमडी ड्रग और 5 किलो डोडाचूरा जब्त
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 150 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस एमडी ड्रग की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है। यह सिंथेटिक ड्रग युवाओं में तेजी से फैल रही है और इसका अवैध कारोबार काफी फल-फूल रहा है। एमडी ड्रग के साथ ही पुलिस ने 5 किलो डोडाचूरा भी बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपए आंकी गई है। मादक पदार्थों के अलावा, तस्करों के पास से एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जिसका पंजीयन क्रमांक MP14ZH9951 है, तथा रियलमी और वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इन जब्त सामग्रियों का उपयोग मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त और वितरण में किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
नई आबादी थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 135/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, 22 और 29 में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है। इस प्रकरण में खानपुरा निवासी मोईनुद्दीन उर्फ मोईन पिता हुसैन घोसी को फरार आरोपी बनाया गया है। पुलिस की टीमें फरार मोईनुद्दीन की तलाश में विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही हैं।
थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायालय से पुलिस उनका रिमांड प्राप्त करेगी ताकि गहन पूछताछ की जा सके। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से मादक पदार्थ के स्रोत, उनके वितरण की योजना और इस अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का लक्ष्य इस पूरे ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है ताकि जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।
एमडी ड्रग को पुलिस ने बताया बेहद खतरनाक सिंथेटिक नशा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई एमडी एक अत्यंत खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है। यह नशा इन दिनों कुछ युवाओं के बीच गलत धारणाओं के साथ तेजी से फैल रहा है, विशेषकर “सेक्स टाइमिंग बढ़ाने” के नाम पर इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। यह सिंथेटिक नशा युवाओं के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिरता और सामाजिक जीवन पर अत्यंत गंभीर एवं हानिकारक दुष्प्रभाव डालता है। इसका सेवन करने वाले युवा कई तरह की बीमारियों और सामाजिक बुराइयों का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
पुलिस ने एक बार फिर दोहराया कि जिले को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ ऐसी सख्त और प्रभावी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस का यह अभियान नशामुक्त समाज की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है और सभी नागरिकों से इसमें सहयोग की अपील की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।





