मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को हाई कोर्ट से एक हल्का सा झटका लगा है, उन्हें आज जिस मामले में उम्मीद थी उसमें उन्हें नाउम्मीदी हाथ लगी है, प्रमोशन में आरक्षण का मामला एक बार फिर अटक गया है , आज हाई कोर्ट में जब इस मामले की सुनवाई हुई तो करीब एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे टाल दिया, मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
हाई कोर्ट में आज प्रमोशन में आरक्षण के मामले पर सुनवाई हुई, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि 2025 के नए प्रमोशन नियम लागू करने से पहले क्या सुप्रीम कोर्ट से कोई अनुमति या आवेदन दिया गया था। राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने बताया कि कई राज्यों से जुड़ी एक याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उसकी सुनवाई अभी तक नहीं हो सकी है।
सुप्रीम कोर्ट की लंबित याचिका का जिक्र
इस दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया कि साल 2025 के नियमों में प्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी नंबर 13954/2016 का भी उल्लेख किया गया है। जिसमें प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 12 मई 2016 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। ये सुनने के बाद हाई कोर्ट ने इस बात को स्वीकार किया कि सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद ही यह तय होगा कि 2025 में बने नियमों का का असर किस तरह होगा।
दोनों पक्षों ने हाई कोर्ट को दिए निर्देश
कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि किसी भी मामले में विरोधाभासी फैसलों से बचना आवश्यक होना चाहिए इसलिए राज्य सरकार और याचिकककर्ता सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जल्दी सुनवाई के लिए आवेदन लगायें और सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद है इस मामले की सही क़ानूनी दिशा तय हो सकेगी। अब दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका की जल्द सुनवाई कराने की कोशिश करेंगे।
जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट






