जबलपुर में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आगमन के बीच कांग्रेसजनों ने भाजपा के संभागीय कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। शहर में जहां भाजपा के नेता और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में व्यस्त थे, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की कथित गलत नीतियों और राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए, लेकिन जब कांग्रेसी आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का उपयोग किया गया।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे में हुई चोरी के मामले पर भाजपा नेताओं की चुप्पी यह सिद्ध करती है कि कहीं न कहीं उनकी भी इस प्रकरण में भूमिका है। युवा कांग्रेस के नेता विजय रजक के नेतृत्व में यह प्रदर्शन गोलबाजार से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे। मार्ग में पहले से मौजूद पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ने का प्रयास करते हुए आगे बढ़ने लगे, तब पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे कई कार्यकर्ता पीछे हटने पर मजबूर हुए।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
युवा कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि जिन भाजपा नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए घर-घर जाकर चंदा एकत्रित किया था, वे अब चंदा चोरी के बाद आखिरकार क्यों मौन धारण किए हुए हैं। भाजपा के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथों में डमरू लेकर और थाली बजाते हुए पहुंचे थे। उनके हाथों में “भाजपा हिसाब दो” के पोस्टर भी थे, जिनके माध्यम से वे भाजपा से इस संवेदनशील मामले पर जवाब मांग रहे थे।
कांग्रेस का भाजपा, आरएसएस तथा बजरंग दल पर हमला
युवा कांग्रेस नेता विजय रजक ने अपने संबोधन में कहा कि इस देश में यदि कोई बॉलीवुड अभिनेत्री भगवा रंग की बिकनी पहन लेती है, तो पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया जाता है और देश को बंद करवा दिया जाता है। वहीं, दूसरी ओर राम मंदिर जैसे पवित्र और संवेदनशील मामले में 2000 करोड़ रुपये के चंदे की चोरी होती है, और इस मामले में भाजपा, आरएसएस तथा बजरंग दल के वे लोग, जो स्वयं को हिंदू धर्म का ठेकेदार बताते हैं, चुप्पी साध लेते हैं। रजक ने याद दिलाया कि जब राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था, तब भाजपा के मंडल अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष और अन्य सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से चंदा इकट्ठा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने भी राम भगवान के नाम पर बढ़-चढ़कर चंदा दिया था।
यूपी सीएम योगी पर भी उठाए सवाल
विजय रजक ने आगे कहा कि जब राम मंदिर से 2000 करोड़ रुपये के चंदे की चोरी का मामला सामने आया, और इसमें भाजपा तथा आरएसएस के नेताओं का नाम भी आया, तो सबकी बोलती बंद हो गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सवाल उठाए, जिनके बुलडोजर अक्सर चला करते थे, लेकिन आज जब चंदा चोरी में उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का नाम सामने आया है, तो सबने चुप्पी साध रखी है। रजक ने जबलपुर के स्थानीय भाजपा नेताओं, जिनमें सांसद, विधायक और महापौर शामिल हैं, की चुप्पी पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी चंदा चोरी के इस गंभीर विषय पर बोलने को तैयार नहीं है। युवा कांग्रेस ने भाजपा नेताओं को चेतावनी दी कि यदि वे इस मामले पर चुप रहते हैं, तो उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह प्रदर्शन भाजपा पर दबाव बनाने और राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर जवाब मांगने के लिए किया गया था।






