नीमच जिला अस्पताल में एक मासूम बच्ची से कथित छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में उबाल आ गया है। इस गंभीर मामले को लेकर अब प्रशासन भी सक्रिय हो गया है, जिसके चलते शुक्रवार को अपर कलेक्टर बी.एस. क्लेश और एसडीएम पराग जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर गहन जांच की। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और वार्डों में निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर अब उच्चाधिकारियों ने स्वयं संज्ञान लिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह संवेदनशील मामला 26 जुलाई का है, जब जिला अस्पताल के वार्ड में अपनी मां के साथ रुकी हुई 10 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची से एक युवक द्वारा कथित रूप से छेड़छाड़ की गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह मामला आग की तरह फैल गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद नागरिकों में भारी आक्रोश और क्षोभ देखने को मिला। जनता ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
शुक्रवार को जैसे ही उच्चाधिकारियों को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ, अपर कलेक्टर बी.एस. क्लेश और एसडीएम पराग जैन तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने सीधे सिविल सर्जन कक्ष में अस्पताल प्रबंधन के प्रमुख अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत समीक्षा करना था। अधिकारियों ने घटना से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की और बारीकी से जानकारी जुटाई।
बैठक के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान स्थिति, उनकी कार्यप्रणाली और वार्डों में चौबीसों घंटे निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जाए और हर वार्ड में पर्याप्त स्टाफ की तैनाती हो ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संबंधित कर्मचारियों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई और उन्हें मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो रही जांच: अपर कलेक्टर
अपर कलेक्टर बी.एस. क्लेश ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पूरे मामले की पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य और प्रमाण सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। क्लेश ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों, विशेषकर अस्पतालों में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं। इसके साथ ही, जनता यह भी जानने को उत्सुक है कि इस गंभीर प्रकरण में संलिप्त दोषियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा क्या और कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है। जिला चिकित्सालय में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है, जिस पर अब त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाने की उम्मीद है।





