महाकाल सवारी मार्ग को एकरूप और आकर्षक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। दरअसल इस पहल के तहत, सवारी मार्ग पर स्थित लगभग 800 घरों और प्रतिष्ठानों के बाहरी रंगों को एक समान रखने और दुकानों के साइन बोर्डों को भी एकरूप आकार व डिजाइन में ढालने का आग्रह किया गया है। महापौर ने स्वयं इन रहवासियों और व्यापारियों को पत्र लिखकर इस पुनीत कार्य में सहयोग की अपील की है। आने वाले समय में इस संबंध में एक विस्तृत बैठक का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी हितधारकों से विचार-विमर्श किया जाएगा।
दरअसल यह निर्णय बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। महापौर मुकेश टटवाल द्वारा जारी यह पत्र जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय पार्षदों के माध्यम से घर-घर तक पहुँचाया गया है, ताकि हर नागरिक इस महत्वपूर्ण अभियान से जुड़ सके और अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सके।
पत्र में किस चीज़ का किया गया उल्लेख?
वहीं इस पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का एक जीवंत प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में कंठाल, सती गेट और गोपाल मंदिर सवारी मार्ग सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। यह मार्ग मात्र आवागमन का साधन नहीं है, अपितु यह उज्जैन की धार्मिक पहचान का मूल और बाबा महाकाल की भक्ति का पवित्र पथ है, जिस पर लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए गुजरते हैं।
उज्जैन के नागरिकों से यह अपील की
महापौर ने अपने पत्र के माध्यम से उज्जैन के नागरिकों से हृदय से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनका आग्रह है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु उज्जैन की स्वच्छता, सुंदरता, भव्यता और आध्यात्मिकता का एकरूप और प्रभावशाली स्वरूप अनुभव कर सकें। इस दृष्टि से, भवनों के बाहरी रंगों को एक समान रखना और दुकानों के साइन बोर्डों को भी एकरूप डिजाइन में प्रदर्शित करना अत्यंत आवश्यक है। यह एकरूपता उज्जैन के प्रति आगंतुकों के मन में एक अविस्मरणीय छाप छोड़ेगी और शहर की आध्यात्मिक आभा को और निखारेगी।

आगामी सिंहस्थ की चल रही तैयारी
वहीं बीते शनिवार को कंठाल, सती गेट और गोपाल मंदिर क्षेत्र के दुकानदारों को विशेष रूप से यह पत्र सौंपा गया था। महापौर मुकेश टटवाल ने इस पहल के पीछे की व्यापक सोच को स्पष्ट करते हुए बताया कि आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के तहत चल रहे चौड़ीकरण कार्य के कारण कई मकानों और प्रतिष्ठानों के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। अब इन प्रभावित हिस्सों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। इसी कारण, अभी से भवनों के रंग और साइन बोर्ड को एक जैसा रखने का आग्रह किया जा रहा है, ताकि पुनर्निर्माण के साथ ही एकरूपता का यह लक्ष्य भी हासिल किया जा सके। उन्होंने यह भी दोहराया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र ही रहवासियों और व्यापारियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उनकी राय और सुझावों को भी सुना जाएगा। यह सामूहिक प्रयास ही उज्जैन को एक अद्वितीय और भव्य स्वरूप प्रदान करेगा, जो उसकी प्राचीन गरिमा और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होगा।






